नागपुर एनएमसी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NMC General Body Meeting April 2026: नागपुर महानगरपालिका में भारी बहुमत की जीत के बाद भाजपा में जहां विभिन्न पदों के लिए रेस लगी हुई है वहीं दूसरी ओर 10 स्वीकृत सदस्यों में जगह बनाने के लिए भी कुछ वरिष्ठों में जद्दोजहद जारी है। उल्लेखनीय है कि 151 सदस्यों की संख्या वाली महानगरपालिका में नए नियमों के अनुसार अब स्वीकृत सदस्यों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की गई है।
पहले की तुलना में 5 अधिक होने के कारण अब इसमें जगह बनाने के लिए टिकट से वंचित कुछ कार्यकर्ता लामबंद होते दिखाई दे रहे है, जबकि दूसरी ओर 102 पार्षदों के भारी बहुमत के बावजूद महानगरपालिका प्रशासन पर दबदबा बनाए रखने के लिए भाजपा कुछ वरिष्ठ पूर्व पार्षदों की बैकडोर एंट्री करने की जुगत में हैं। जानकारों की मानें तो कुछ नाम पहले से ही तय हो चूके हैं।
बताया जाता है कि इसी माह होने जा रही मनपा की आम सभा में जहां को-ऑप सदस्य के नामों पर मुहर लगने की संभावना है वहीं दूसरी ओर महत्वपूर्ण दुर्बल घटक समिति तथा प्रन्यास में बतौर ट्रस्टी एक सदस्य को भेजने का भी निर्णय हो सकता है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो वर्तमान में चुनकर आए 102 पार्षदों में से कोई भी ऐसा पार्षद नहीं हैं जो सदन में या प्रशासन के भीतर आवाज बुलंद कर भाजपा की नीति के अनुसार कार्य को अंजाम दे सके जिससे कुछ वरिष्ठ पूर्व पार्षदों को बतौर स्वीकृत सदस्य भेजकर सत्तादल को सदन में मजबूत करने के संकेत है।
माना जा रहा है कि भले ही महानगरपालिका में भाजपा का महापौर और स्थायी समिति का सभापति हो या फिर सत्ता पक्ष नेता, सदन की नीति तय करने का कार्य सत्ता पक्ष कार्यालय से इन्हीं वरिष्ठ पूर्व पार्षद के माध्यम से किया जाएगा।
जानकारों की मानें तो इन स्वीकृत सदस्यों में संजय बंगाले, अविनाश ठाकरे, रमेश सिंगारे जैसे नामों की चर्चा जोरों पर है। इनके अलावा मध्य नागपुर और पूर्व नागपुर से विधायक की पसंद के उम्मीदवार को भी स्वीकृत सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
नियमों के अनुसार मनपा में इस बार अधिकतम 10 स्वीकृत सदस्य होंगे। किस राजनीतिक दल के हिस्से में कितने स्वीकृत सदस्य जाएंगे। इसका सटीक आंकड़ा तो विभागीय कार्यालय में गुटों के पंजीयन के बाद ही उजागर होगा।
किंतु प्राथमिक स्तर पर यदि भाजपा के साथ शिंदे सेना और अजित पवार गुट के 1-1 सदस्य शामिल होकर युति बनाते है, तो उनके युति की संख्या 104 होगी। ऐसे में उनके हिस्से में 6.88 सदस्य संख्या आ सकती है। चूंकि 0.88 यह 0.50 से अधिक है। ऐसे में उनके हिस्से में 7 स्वीकृत सदस्य होंगे।
मनपा में स्वीकृत सदस्यों की संख्या अधिकतम 10 है। चूंकि भाजपा के खाते में 7 स्वीकृत सदस्य होंगे। ऐसे में 3 सदस्यों के स्थान रिक्त रहेंगे जिसमें कांग्रेस की ओर से दावा किया जा सकता है। किंतु इसके लिए कांग्रेस को कम से कम मुस्लिम लीग और उद्धव सेना को साथ में लेकर आघाड़ी करनी होगी जिससे उनके आघाड़ी का बलाबल 2.64 होगा।
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चूंकि यह 2.5 से अधिक है, ऐसे में उसे भी 3 स्वीकृत सदस्यों के नाम देने का अधिकार प्राप्त होगा। यदि कांग्रेस की किसी भी दल के साथ आघाड़ी नहीं होती है, तो उसे केवल 2 स्वीकृत सदस्यों पर संतोष करना होगा, जबकि मुस्लिम लीग और एमआईएम की ओर से गठबंधन कर 10 पार्षदों की मुस्लिम बहुजन आघाड़ी बनाए जाने के कारण उनकी झोली में भी एक सदस्य होगा।