नागपुर नाग नदी विकास परियोजना: नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक
Nagpur Road Projects: नाग नदी परियोजना की बैठक में नितिन गडकरी ने सड़क खुदाई के बाद मरम्मत नहीं करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। लापरवाह अफसर निलंबित और ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होंगे।
- Written By: अंकिता पटेल
नाग नदी परियोजना पर गडकरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक (सोर्स: नवभारत फोटो)
Nitin Gadkari Nagpur Development: नागपुर जिले के नाग नदी परियोजना के तहत होने वाले विकास कार्यों और शहर की व्यवस्था को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए।
रविवार को उनके महल स्थित कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में सड़कें खोदने के बाद उन्हें वापस पहले जैसी स्थिति में न लाने वाले अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए और संबंधित लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, विधायक कृष्णा खोपड़े, विधायक मोहन मते, विधायक संजय भेंडे, सत्तापक्ष नेता नरेन्द्र बोरकर, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, प्रन्यास सभापति संजय मीणा और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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नाग नदी किनारे के 5,000 घरों का विस्थापन
दी प्रोजेक्ट के सुचारु क्रियान्वयन के लिए नाग नदी के किनारे से 15 मीटर के दायरे में आने वाली अनधिकृत कॉलोनियों और झोपडपट्टियों को हटाया जाएगा। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने जानकारी कि फिलहाल इन प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 2500 घरों की आवश्यकता होगी।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने मनपा और प्रन्यास की खाली पड़ी जमीनों का तुरंत सर्वेक्षण कर भविष्य को ध्यान में रखते हुए 5000 घरों की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्वास के दौरान अतिक्रमणकारियों और प्रभावितों से निवास प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच एवं पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
‘कॉमन डक्ट’ और यूटिलिटी मैपिंग की आवश्यकता
बैठक के दौरान गडकरी ने सड़कों के नीचे बिछी पाइपलाइनों और केबल्स की जानकारी (यूटिलिटी मैपिंग) का अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब कोई सड़क खोदी जाती है तो उसके नीचे कौन से पाइप या केबल है, यह जानने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, प्रशासन द्वारा यह बताए जाने पर कि वर्तमान में ऐसी कोई मैपिंग व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, गडकरी ने सुझाव दिया कि आगामी 100 वर्षों की जरूरतों और विकास को ध्यान में रखते हुए सड़कों के नीचे सभी प्रकार की पाइपलाइनों के लिए एक ‘कॉमन डक्ट’ की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
अमृत योजना की गलतियों से लिया सबक
नागरिकों को इससे पहले अमृत योजना के तहत हुए कार्यों के दौरान शहर भर में खुदी हुई सड़कों के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था जिसे ध्यान में रखते हुए गडकरी ने यह कड़ा रुख अपनाया, नाग नदी परियोजना के तहत 5 चरणों में सीवेज ट्रीटमेंट और सीवर लाइनों का बड़ा काम किया जाना है।
इसके अंतर्गत 3 नए एसटीपी का निर्माण और 2 पुराने एसटीपी का पुनर्निर्माण किया जाएगा, इस प्रोजेक्ट के लिए नागपुर के पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, मध्य और पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों में सड़कों की खुदाई होनी है।
चर्चा के दौरान राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों से सवाल किया कि पिछली परियोजनाओं (जैसे अमृत योजना) में विभागों ने सर्वोत्तम और आधुनिक तकनीक का उपयोग क्यों नहीं किया। उन्होंने हिदायत दी कि अब सड़कों की खुदाई और उन्हें पूर्ववत करने के लिए केवल अत्याधुनिक मशीनों का ही अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए।
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किसानों को स्वच्छ पानी और नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
नाग नदी के प्रदूषित जल का भारी दुष्प्रभाव नागपुर के साथ-साथ भंडारा जिले के कुछ तालुकों पर भी पड़ रहा है। इस गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए गडकरी ने मनपा आयुक्त और जिलाधिकारी को प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी उपाययोजना करने के आदेश दिए। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषित पानी से नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में न पड़े और किसानों को खेती के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।
