नागपुर समेत राज्यभर के NHM कर्मियों को 3 माह से नहीं मिला वेतन, तकनीकी खामी का खामियाजा आयुक्त के सख्त निर्देश
Nagpur NHM Contract Workers: एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को तकनीकी कारणों से तीन माह से वेतन नहीं मिला है। आयुक्त ने लंबित वेतन तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
एनएचएम, संविदा कर्मचारी, वेतन बकाया,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Health Department Salary Delay: नागपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। कर्मचारियों की जानकारी तकनीकी प्रणाली में समय पर 3 महीने से वेतन की प्रतीक्षा दर्ज नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मामले की गंभीरता को देखते 1200 हुए शहरी स्वास्थ्य कर्मचारी जिले में सेवा एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान के 42000 आयुक्त डॉ. सुनील राज्यभर में कार्यरत भोकरे ने लंबित वेतन तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं।
ठेका कर्मचारियों का वेतन रुका, अधिकारियों पर सख्ती
आयुक्त ने राज्य के सभी स्वास्थ्य उपसंचालकों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि जब तक ठेकेदारी कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जाता तब तक स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों का मई का वेतन मंजूर न किया जाए, राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लगभग 42,000 ठेका कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें नागपुर जिले में करीब 1,200 कर्मचारी हैं। पिछले 3 महीनों से वेतन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। इससे कर्मचारियों की आर्थिक हालत खराब हो गई है।
जानकारी के अनुसार ठेका कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष ‘स्पर्श’ सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की। इस प्रणाली में कर्मचारियों की जानकारी दर्ज होने के बाद ही वेतन जारी किया जाता है। हालांकि पिछले कुछ महीनों से इस प्रणाली में लगातार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। साथ ही कई स्थानों पर आवश्यक जानकारी समय पर अपलोड नहीं किए जाने के कारण मार्च से ही निधि उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन अटका हुआ है।
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‘स्पर्श’ प्रणाली से बिगड़ गई स्थिति
आदेश में कहा गया है कि पुणे सहित सातारा, सांगली, गड़चिरोली, भंडारा, छत्रपति संभाजीनगर, हिंगोली, चंद्रपुर, सोलापुर, रायगड़, अकोला, परभणी, अमरावती, यवतमाल, नांदेड़, बीड, नागपुर, ठाणे, नासिक और कोल्हापुर जिलों के ठेका कर्मचारियों का वेतन जब तक ‘स्पर्श’ प्रणाली में दर्ज कर जारी नहीं किया जाता तब तक संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, महानगरपालिका स्वास्थ्य प्रमुख और जिला शल्य चिकित्सकों का मई महीने का वेतन रोक दिया जाये।
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कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए राज्य सरकार ने 405.17 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा मंजूर की थी। इसके बावजूद आधे से अधिक कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाया है, उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्वीकृत राशि में से अब भी 60.95 करोड़ रुपये की निधि शेष है, जबकि हजारों कर्मचारी वेतन के इंतजार में हैं। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
