

Pune Hinjewadi IT Company Fraud: देश के प्रमुख आईटी हब माने जाने वाले पुणे के हिंजवड़ी आईटी पार्क से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आया है। हिंजवड़ी फेज-2 स्थित एक नामी आईटी कंपनी ने अचानक अपने ऑफिस पर ताला जड़ दिया है। कंपनी के इस कदम से 700 से अधिक कर्मचारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और इंटर्न रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं। प्रभावित कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर कई महीनों से वेतन न देने, सैलरी के चेक बाउंस होने और बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
हिंजवड़ी के जेराज इम्पीरियम राइज भवन में संचालित थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया नामक कंपनी के अचानक बंद होने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी ने वर्ष 2025 में बड़े पैमाने पर भर्ती की थी। इसमें फ्रेशर्स, इंटर्न्स और आईटी प्रोफेशनल्स को बड़ी संख्या में नौकरी दी गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में इंटर्न्स को हर महीने 15 हजार रुपये का स्टाइपेंड समय पर दिया जाता था, जिससे कंपनी के प्रति भरोसा बना था। लेकिन 2026 की शुरुआत से हालात बदलने लगे।
कर्मचारियों के अनुसार, फरवरी 2026 से वेतन समय पर मिलना बंद हो गया। हर महीने 7 या 8 तारीख को मिलने वाली सैलरी लगातार लेट होने लगी। जब कर्मचारियों ने इस बारे में पूछताछ की तो कंपनी के सीईओ और डायरेक्टर हर्षल ठाकरे ने आंतरिक ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि 25 से 28 फरवरी के बीच वेतन दे दिया जाएगा। हालांकि कर्मचारियों का आरोप है कि तय तारीख गुजरने के बाद भी वेतन नहीं मिला और कुछ ही समय बाद कंपनी का ऑफिस अचानक बंद मिला। इसके बाद कर्मचारियों में घबराहट फैल गई।
कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि IT कंपनी द्वारा दिए गए वेतन के चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। इससे कई कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि घर का किराया, ईएमआई और रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
इस मामले में फोरम ऑफ आईटी एम्प्लॉईज (FITE) संगठन भी सामने आया है। संगठन के अध्यक्ष पवनजीत माने ने बताया कि बड़ी संख्या में प्रभावित कर्मचारियों ने मदद के लिए संगठन से संपर्क किया है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। माने ने आरोप लगाया कि कंपनी ने कर्मचारियों से लैपटॉप देने के नाम पर 15 हजार रुपये का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी लिया था। उनके मुताबिक यह आईटी सेक्टर में बड़े स्तर का आर्थिक घोटाला हो सकता है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी श्रम मंत्रालय को भी दे दी गई है। आईटी क्षेत्र में युवाओं के आर्थिक शोषण को रोकने और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सख्त नियम बनाने की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि इस पूरे मामले पर कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।