दिल्ली से महाराष्ट्र तक गरमाई राजनीति: NEET प्रदर्शन के दौरान नागपुर विदर्भ के सांसदों-विधायकों की गिरफ्तारी
NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले पर छात्रों के समर्थन में संसद मार्च के दौरान राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
- Written By: अंकिता पटेल
नीट पेपर लीक, राहुल गांधी, कांग्रेस प्रदर्शन,(नवभारत डिजाइन फोटो)
Congress NEET Protest Delhi: कथित नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के समर्थन में सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इस कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं में अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव रामकिशन ओझा, अमरावती के सांसद बलवंत वानखड़े विधायक नितिन राऊत तथा कुणाल राऊत शामिल हैं।
जबकि साथ ही भंडारा-गोंदिया के सांसद प्रशांत पडोले, रामटेक के सांसद श्याम बर्वे, रघुनाथ मीणा, सुरेश कुमार, महादेव ओझा, बबलू अजीज तथा एनएसयूआई और कांग्रेस के कई पदाधिकारी प्रदर्शन में शामिल शामिल हुए।
सम्बंधित ख़बरें
नागालैंड में कांग्रेस का पत्ता साफ! मोकोकचुंग के कई नेताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा, नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी के खिलाफ धरने पर बैठेगी BJP, कांग्रेस मुख्यालय का करेगी घेराव, आज देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, 5 बार CM रहे दिग्गज नेता ने बोला धावा; किसने बढ़ाई शिक्षा मंत्री की टेंशन?
बूथ कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक, देवेंद्र फडणवीस का वह सफर जो हर किसी के लिए प्रेरणा है
NEET मुद्दे पर कांग्रेस का संसद मार्च, कई नेता हिरासत में
विधायक पठान को दिल्ली हरियाणा सीमा स्थित कापसहेड़ा पुलिस थाने में रखा गया है। कांग्रेस का आरोप है कि संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बलपूर्वक रोका तथा लाठीचार्ज भी किया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। आंदोलन के दौरान छात्रों और कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं।
इनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल से रिहा करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, तथा कथित नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग प्रमुख रही।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इन मांगों पर तत्काल निर्णय लेने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। वहीं, दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर नीट पेपर लीक मामले को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
यह भी पढ़ें:-बूथ कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक, देवेंद्र फडणवीस का वह सफर जो हर किसी के लिए प्रेरणा है
आंदोलन में मजबूती के साथ खड़ा हूं
अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान ने कहा कि कथित नीट पेपर लीक प्रकरण ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और वे भी इस आंदोलन तथा अनशन के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
