

Nagpur Student Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन शहर में भी दिन-ब-दिन आक्रामक होता जा रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर हजारों की संख्या में जेन-जी नागपुर के संविधान चौक पर एकत्र हुए। हाथों में आकर्षक पोस्टर लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था, जब सरकार ही गटर बन जाएगी, तो उसमें कॉकरोच तो होंगे ही। अनेक छात्र-छात्राओं ने कॉलेज और स्कूल न जाकर दोपहर 12 बजे ही आंदोलन स्थल पहुंचकर अपने घरों में तैयार किए गए पोस्टर प्रदर्शित किए। आंदोलन की अनुमति शाम 4 बजे तक थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने लगभग 3।30 बजे राष्ट्रगान गाकर आंदोलन समाप्त कर दिया। पुलिस का भी तगडा बंदोबस्त किया गया था।
छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं-पुरुष, अभिभावक भी आंदोलन में शामिल हुए, सिस्टम, सरकार, शिक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाकर जमकर भड़ास निकाली गई। हमें चाहिए आजादी... इंकलाब जिंदाबाद... जय भीम और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
केवल कॉलेज ही नहीं बल्कि स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए, उनके साथ अभिभावक और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण आंदोलन की पूरी छूट दी। हालांकि पूरे समय निगरानी रखी गई। करीब 4 घंटे तक आंदोलन चला, कुछ युवाओं ने आंदोलनकारियों के लिए पानी की बाल्टियां, बिस्कुट, संतरे की गोलियां और मेलोडी चॉकलेट भी उपलब्ध कराई।
सिस्टम पर आक्रोश बिल्कुल सही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, शिक्षा प्रणाली व परीक्षा सिस्टम में सुधार व पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा की मांग भी पूरी तरह जायज है लेकिन नागपुर के संविधान चौक पर शुक्रवार को जो प्रदर्शन हुआ उसमें कुछ युवक-युवतियों के हाथों में ऐसे पोस्टर्स लहराते नजर आए जिसमें भोंडापन झलक रहा था। कुछ ने तो इसे अश्लील तक कहा। ऐसे पोस्टर्स के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, प्रत्यक्षदर्शियों ने संदेह भी जताया कि अच्छे मकसद से किये जा रहे आंदोलन की कहीं दिशा भटक तो नहीं रही है।
नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली पांढराबोड़ी की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मां भी आंदोलन में शामिल हुईं। उन्होंने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता देने से उनकी बेटी वापस नहीं आएगी। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की।
कई प्रदर्शनकारियों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि नोटबंदी, लॉकडाउन और त्वरित न्यायालय से जुड़े फैसलों जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हमेशा रात 12 बजे ही क्यों की जाती है। उनका आरोप था कि जब लोग सो रहे होते है, तब सरकार अपने फैसले लागू करती है।
कुछ ने कहा कि चोरी करने वाले और डरने वाले लोग ही रात में अपने काम करते है। थाईलैंड से अपनी नानी के घर छुट्टी मनाने आया पहली कक्षा का छात्र शेरवीन वासनिक भी स्टूल पर खड़ा होकर शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग का पोस्टर लहरा रहा था, पोस्टर में लिखा था 'आप इस्तीफा दीजिए। मै अपना होमवर्क पूरा करता हूं।' एक स्कूली छात्रा भी अपने पिता के साथ आआंदोलन में शामिल हुई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी नहीं छोड़ा। एक युवक ने पोस्टर लहराते हुए उनके इस्तीफे की भी मांग की। वहीं एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, 'अब मेरा भी इस्तीफा ले लो, क्या उसके लिए अलग आंदोलन करना पड़ेगा...' यह पोस्टर भी कौतूहल का विषय बना रहा। एक युवा प्रदर्शनकारी अपने साथ सफेद रंग की एक आकर्षक बिल्ली भी लेकर आया था। उसने बिल्ली के पास एक पोस्टर रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। उस पोस्टर पर लिखा था, 'प्रधान इस्तीफा दें'।