NEET पेपर लीक के सदमे में मध्य प्रदेश की बेटी ने नागपुर में की खुदकुशी, राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला
Akanksha Chaturvedi Suicide: NEET की तैयारी कर रही मऊगंज की आकांक्षा ने नागपुर में आत्महत्या कर ली। पेपर लीक से डिप्रेशन में आई छात्रा का सुसाइड नोट सामने आया। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बोला हमला।
- Written By: आकाश मसने
आकांक्षा चतुर्वेदी का सुसाइड नोट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rahul Gandhi Akanksha Chaturvedi Suicide Case: NEET की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की खबरों के बाद वह डिप्रेशन में चली गई थी।
18 साल की छात्रा आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से ‘नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट’ (NEET) की तैयारी कर रही थी। 20 मई को अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली थी। लेकिन अब आकांक्षा के कमरे से मिले एक भावुक सुसाइड नोट ने परीक्षा सिस्टम और छात्रों के मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आकांक्षा ने उस नोट में लिखा, “मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि आपकी बेटी खूब पढ़ाई करेगी और डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब मुझमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।” उसने आगे लिखा कि पहले प्रयास में मेरे अच्छे नंबर आ रहे थे, लेकिन अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मैं दोबारा अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगी। मुझे माफ़ कर देना, मम्मी-पापा। मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
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राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां coaching कर सके।
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके। एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET… https://t.co/yaIHayXfrG — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 4, 2026
राहुल गांधी ने लिखा “एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया। फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई। आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं – मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है। और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जांच। न सुधार, न न्याय। मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती – आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।”
मध्य प्रदेश की रहने वाली थी आकांशा
आकांक्षा चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली थी। उसके पिता, कृष्ण कुमार चौबे एक छोटे किसान हैं। परिवार वालों के अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई-लिखाई के लिए काफ़ी बड़े आर्थिक जोखिम उठाए थे। खेती के लिए उपलब्ध जमीन का छोटा-सा टुकड़ा जोतने के अलावा, घर-खर्च और कोचिंग की फ़ीस जुटाने के लिए उन्होंने नागपुर में रसोइए का काम भी किया। आकांक्षा के परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड लोन के जरिए करीब 3 लाख रुपये उधार लिए थे और उसकी की तैयारी के लिए रिश्तेदारों से भी आर्थिक मदद ली थी।
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उनके चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी के अनुसार, परीक्षा के बाद आकांक्षा पूरे आत्मविश्वास के साथ घर लौटी थी। परीक्षा के बाद वह बहुत खुश थी और उसने हमें बताया कि उसे 650 से ज़्यादा नंबर आने की उम्मीद है। लेकिन जब पेपर लीक होने की खबरें आने लगीं, तो उसे गहरा सदमा लगा। उसने खाना-पीना छोड़ दिया, ज़्यादा बात करना बंद कर दिया और परेशान रहने लगी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि चीजें इस तरह खत्म होंगी।
