नागपुर में निर्माणाधीन NCDC की इमारत (फोटो नवभारत)
National Centre for Disease Control Nagpur: मध्य भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के क्षेत्रीय मुख्यालय का निर्माण कार्य नागपुर के माता कचेरी परिसर में युद्ध स्तर पर चल रहा है। 2.5 एकड़ में फैली यह इमारत इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगी, जिसके बाद नागपुर सही मायनों में संक्रामक बीमारियों की जांच के मामले में ‘आत्मनिर्भर’ बन जाएगा।
नागपुर सहित सटे हुए मध्य प्रदेश से आने वाले मरीजों में गंभीर और विविध तरह की संक्रामक बीमारियों की जांच के लिए अब भी पुणे, बेंगलुरु जैसे शहरों की प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि कोरोना के बाद से कुछ प्रयोगशालाएं बनी हैं, लेकिन अब भी नागपुर ‘आत्मनिर्भर’ नहीं बना है। इसी कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र द्वारा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) का निर्माण किया जा रहा है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने माता कचेरी परिसर में केंद्र के लिए करीब 2.5 एकड़ में जगह उपलब्ध कराई है। इमारत का कार्य तेज गति से चल रहा है। स्लैब तक काम पहुंच गया है। वर्ष के अंत तक इमारत का कार्य पूरा होने की संभावना है।
नेशनल मेडिकल रिसर्च काउंसिल (NMRC) की एक रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में वायरस की वजह से ही विविध तरह की बीमारियां फैलेंगी। यह वायरस वन्यप्राणियों से मानव में फैल सकते हैं। कोरोना के वक्त भी यही स्थिति सामने आई थी। उस वक्त सैंपल की जांच में देरी की वजह से ही बीमारी का फैलाव बढ़ा था।
दरअसल, केंद्र सरकार ने देशभर के 30 शहरों में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र शुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें नागपुर का भी समावेश है। महाराष्ट्र में नागपुर का चयन किया गया है। केंद्र के निर्माण के लिए मंत्रालय की एक टीम मौजूद है। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों के साथ तालमेल बनाकर औषधोपचार व अन्य उपाययोजना पर परामर्श कर काम करेगा।
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केंद्र के निर्माण से नागपुर को मेडिकल हब बनाने की दिशा में भी बल मिलेगा। यह केंद्र मध्य भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा। विविध बीमारियों का निदान होने से मरीजों के उपचार में गति मिलेगी। साथ ही रिकवरी रेट भी कम किया जा सकेगा। मौजूदा स्थिति में अनेक बीमारियां देरी से निदान के कारण शरीर पर कब्जा कर लेती हैं। यदि समय रहते निदान हो जाए तो औषधोपचार से जल्दी ठीक किया जा सकता है।