नाना पटोले और प्रफुल पटेल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nana Patole Nagpur Press Conference: उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद राज्य की जनता पूरी सच्चाई जानना चाहती है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी जांच की बात कही है लेकिन इसमें देर क्यों हो रहा है। यह सवाल कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने दागा है। वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात में हुई दुर्घटना की आज तक वस्तुस्थिति लोगों के सामने नहीं आई है, उससे संभ्रम है। रोहित पवार ने पायलट व विमान के संदर्भ में मुद्दे सामने रखे हैं। अजित पवार राज्य के डीसीएम व पार्टी प्रमुख थे।
लोगों के मन में दुर्घटना के संदर्भ में संशय है तो सरकार ने आगे आकर तत्काल जांच कर लोगों के सामने वस्तुस्थिति रखनी चाहिए। जिस तरह की अफरातफरी व संभ्रम की स्थिति महाराष्ट्र में दिख रही है उससे तो ऐसा लगता है कि कानून-व्यवस्था बची ही नहीं है।
पटोले ने पूर्व विदर्भ के ‘बड़े नेता’ के संबंध में रोहित पवार द्वारा व्यक्त किये गए संदेह पर कहा कि मुझे मिडिया के खबरों से जो जानकारी मिली वह यह है कि जो अंतिम फाइल अजित दादा ने साइन की और जिस फाइल के कारण वे लेट हुए उस फाइल पर हस्ताक्षर करके ही जाने का आग्रह करने वाला व्यक्ति गोंदिया का था।
ऐसा कहा जाता है कि फाइल गोंदिया के राइस मिल के संदर्भ में थी। क्या यह सच है, वह जांच से सामने आएगी। रोहित पवार ने जो भूमिका रखी है उस पर जांच होनी चाहिए। अंतिम फाइल के कारण प्रफुल पटेल पर शक की सुईयां जाती है। किसने क्या किया, क्या नहीं किया, उसकी जांच करें तो सामने आएगा।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के संदर्भ में नाना पटोले ने कहा कि एकतरफा निर्णय लेने वाला स्पीकर ओम बिड़ला के रूप में देश ने पहली बार देखा है। देश बेचा जा रहा है। प्रधानमंत्री का नाम एपस्टीन फाइल में आया है। पेट्रोलियम मंत्री पुरी का नाम भी आया है।
अनेक लोगों के नाम हैं और दुनिया में जिसका नाम इस फाइल में आया है उनका इस्तीफा लिया जा रहा है। केवल अपने देश के प्रधानमंत्री नजरें चुरा कर छिप रहे हैं। लोकसभा नहीं जा रहे। चोर की दाढ़ी में तिनका है। ऐसी परिस्थिति में लोस अध्यक्ष सिर्फ सरकार बचाने के लिए बैठे हैं जनता को बचाने के लिए नहीं। इसलिए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है।