पानी कम और बिल ज्यादा? महापौर नीता ठाकरे का अल्टीमेटम- 7 दिनों में सुधारें बिल और दूषित पानी की समस्या
Nagpur Water Bill Dispute: नागपुर में पानी के बिलों पर बवाल। विधायक प्रवीण दटके ने मनपा मुख्यालय में दर्ज कराई शिकायत। महापौर नीता ठाकरे ने बिल सुधारने के दिए निर्देश।
- Written By: प्रिया जैस
महापौर से मिले प्रवीण दटके (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Municipal Corporation Water Supply: पानी के अनाप-शनाप बिलों को लेकर उस समय एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया, जब विधायक प्रवीण दटके ऐसे कई उदाहरण लेकर मनपा मुख्यालय पहुंच गए। इन बिलों को लेकर जनता में रोष को देखते हुए एवं नागरिकों को भेजे जा रहे अत्यधिक और त्रुटिपूर्ण पानी के बिलों पर महापौर नीता ठाकरे ने कड़ा रुख अपनाया।
चर्चा के बाद महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन नागरिकों को बढ़े हुए बिल मिले हैं, उनके बिलों में तत्काल सुधार करें। उपमहापौर लीला हाथीबेड, सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर, सुधीर राऊत, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी, कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाईकर, उषा लतकरे व प्रवीण सरण सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
लगातार बढ़ रहीं शिकायतें
चर्चा के दौरान विधायक दटके ने कहा कि पानी के बिलों को लेकर लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं जबकि पूरी क्षमता से जलापूर्ति नहीं हो रही है। दटके ने महापौर से कहा कि शहर के नागरिक पानी के भारी भरकम बिलों से काफी परेशान हैं और उनमें रोष बढ़ रहा है। उन्होंने मीटर चोरी होने, बिलों में 5 गुना तक की भारी वृद्धि होने और शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
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इसके बाद महापौर ने इस संदर्भ में तुरंत उपाय करने की हिदायत अधिकारियों को दी। दटके ने कहा कि मनपा के अधिकारी केवल एसी चैंबर में बैठकर जलापूर्ति का संचालन कर रहे हैं जबकि धरातल पर वास्तविकता कुछ और ही है। जनता की शिकायतों से किसी भी अधिकारी को लेना-देना नहीं है।
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अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई
दटके ने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना मनपा की जिम्मेदारी है किंतु अधिकारी कनिष्ठ स्तर के सहयोगियों को सूचना देकर बेफ्रिक हो जा रहे हैं जबकि समस्या जटिल है। पेयजल से संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
चर्चा के बाद महापौर नीता ठाकरे ने इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि पानी के बिलों में हुई 5 गुना वृद्धि को तुरंत सुधारा जाए। साथ ही उन्होंने दूषित पानी की समस्या से जुड़ीं शिकायतों का अगले 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण करने का भी सख्त आदेश दिया।
