नागपुर: कॉलेज में एडमिशन रद्द करने पर फीस लौटानी होगी, नियम तोड़ने वाले कॉलेजों पर UGC का शिकंजा

Nagpur UGC Fee Refund Rules: UGC ने प्रवेश रद्द करने वाले छात्रों की फीस वापस नहीं करने वाले कॉलेजों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। फीस रिफंड नीति के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी।
Nagpur UGC College Fee Refund Policy Strict Action
नागपुर UGC कॉलेज फीस रिफंड पॉलिसी पर सख्त कार्रवाईसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • प्रवेश रद्द करने वाले छात्रों को फीस वापस नहीं मिलने की शिकायतें बढ़ीं।

  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कॉलेजों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

  • फीस रिफंड को लेकर शिकायतों, RTI आवेदनों और अदालती मामलों में वृद्धि।

  • निर्धारित अवधि में प्रवेश रद्द करने पर नियमानुसार फीस लौटाना अनिवार्य।

  • नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी।

Nagpur UGC College Fee Refund Policy Strict Action: प्रवेश रद्द करने के बाद छात्रों को फीस वापस नहीं करने वाले कॉलेजों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने संस्थानों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

फीस रिफंड नहीं करने वाले कॉलेजों पर UGC सख्त, बढ़ती शिकायतों पर होगी कार्रवाई

नागपुर, विभिन्न कारणों से कॉलेजों में प्रवेश रद्द कराने वाले छात्रों को फीस वापस नहीं मिलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने संबंधित कॉलेजों को फीस रिफंड के निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

शिकायतें, RTI और अदालती मामले बढ़े

फीस वापस नहीं मिलने के मामलों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसके अलावा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन और अदालतों में पहुंचने वाले मामलों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद कुछ संस्थानों द्वारा फीस लौटाने में आनाकानी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

UGC ने फीस रिफंड से संबंधित नियमों के पालन के लिए 17 दिसंबर 2020, जुलाई 2021, 2 अगस्त 2022, 3 जुलाई 2023, 9 फरवरी 2024 और 12 जून 2024 को विभिन्न परिपत्र और दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन होने पर आयोग ने संस्थानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

Nagpur UGC College Fee Refund Policy Strict Action
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निर्धारित अवधि में फीस लौटाना अनिवार्य

UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रवेश रद्द कराने वाले छात्रों को निर्धारित समयसीमा के भीतर नियमानुसार फीस वापस मिलनी चाहिए। फीस वापसी की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि छात्र ने किस तारीख तक प्रवेश रद्द कराया है।

जारी दिशा-निर्देशों में 30 नवंबर 2020 तक प्रवेश रद्द कराने पर बिना किसी कटौती के पूरी फीस वापस करने का प्रावधान था। इसके बाद 31 दिसंबर 2020 तक प्रवेश वापस लेने की स्थिति में अधिकतम 1,000 रुपये प्रोसेसिंग फीस काटकर शेष राशि लौटाने की व्यवस्था की गई थी।

सत्र 2024-25 के लिए भी तय थीं समयसीमाएं

शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए जारी प्रावधानों के अनुसार, 30 सितंबर 2024 तक प्रवेश रद्द कराने पर पूरी फीस वापस करने और 31 अक्टूबर 2024 तक प्रवेश रद्द कराने पर अधिकतम 1,000 रुपये प्रोसेसिंग फीस काटकर शेष राशि लौटाने का नियम निर्धारित किया गया था।

नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की चेतावनी

आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर प्रवेश रद्द कराने वाले छात्रों को लागू नियमों के अनुसार फीस वापस मिलना आवश्यक है। इसके बावजूद कई कॉलेजों द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

ऐसे में फीस रिफंड नीति का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों के लिए जरूरी है कि वे फीस वापसी से संबंधित दस्तावेज, भुगतान की रसीद और प्रवेश रद्द कराने का प्रमाण सुरक्षित रखें, ताकि शिकायत की स्थिति में इनका उपयोग किया जा सके।

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