ढाई लाख में कैसे बनेगा मकान? रमाई घरकुल आवास योजना को लेकर नागपुर मनपा की बैठक में हंगामा
Ramai Awas Yojana: नागपुर में गलिच्छ वस्ती निर्मूलन समिति की बैठक में विपक्ष ने रमाई आवास योजना की निधि को नाकाफी बताया। पार्षदों ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से बड़ी मांग की।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर मनपा, इनसेट विवेक निकोसे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ramai Gharkul Yojana Fund News: नागपुर महानगरपालिका की ‘गलिच्छ वस्ती निर्मूलन समिति’ की सोमवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। इस बैठक में विपक्षी पार्षदों ने ‘रमाई घरकुल आवास योजना’ के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को लेकर सत्ता पक्ष को जमकर घेरा। विपक्ष का स्पष्ट तर्क था कि वर्तमान महंगाई के दौर में सरकार द्वारा दी जा रही ढाई लाख रुपये की राशि एक अदद मकान बनाने के लिए बेहद कम है।
गलिच्छ वस्ती निर्मूलन समिति की बैठक में सोमवार को उस समय कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया, जब विपक्षी दल के पार्षदों ने रमाई घरकुल आवास योजना के तहत दी जा रही वित्तीय मदद पर सत्ता पक्ष को घेरने का प्रयास किया।
ढाई लाख में मकान का निर्माण नहीं होता
चर्चा के दौरान विपक्षी दल के सदस्य विवेक निकोसे ने कहा कि ढाई लाख की निधि उपलब्ध करायी जा रही है जबकि वास्तविकता यह है कि ढाई लाख में मकान का निर्माण नहीं किया जा सकता है। महंगाई के इस दौर में ढाई लाख में तो मकान की नींव भी पूरी नहीं की जा सकती है। अत: निधि बढ़ाने की मांग उन्होंने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में घर बनाने के काम में लगने वाली आवश्यक सामग्री जैसे सीमेंट, रेत, ईंट और मजदूरों की मजदूरी में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है।
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सीएम को प्रस्ताव भेजें और विशेष बैठक बुलाएं
इस गंभीर समस्या को देखते हुए विवेक निकोसे और नगरसेविका सुजाताताई कोंबाडे ने संयुक्त रूप से यह मांग की कि ‘रमाई घरकुल आवास योजना‘ के अंतर्गत मिलने वाली निधि में वृद्धि की जाए। उन्होंने गलिच्छ वस्ती सुधार समिति के सभापति से आग्रह किया कि निधि बढ़ाने का प्रस्ताव जल्द से जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास भेजा जाए। इसके साथ ही इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए गलिच्छ वस्ती सुधार समिति के सभापति के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने की भी मांग की गई।
सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं
बैठक की शुरुआत में जानकारी दी गई कि नागपुर शहर में कुल 301 अधिसूचित मलिन बस्तियां (स्लम) हैं। शहर में वर्तमान में चल रहीं विभिन्न आवास योजनाओं में रमाई घरकुल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सफाई कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण योजना और शबरी आदिवासी घरकुल योजना के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। योजनाओं को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और उनके समाधान पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्षता रुचिका मसराम ने की। संदीप गवई, नागेश मानकर, योगिता तेलंग, हेमंत बरडे, पवन कोये उपस्थित थे।
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उपायुक्त डॉ. रंजना लाडे, अधीक्षक अभियंता लीना उपाध्ये, कार्यकारी अभियंता अश्विनी येलचेटवार, उप अभियंता पुष्पा जोगे, कार्यकारी अभियंता प्रवीण कोटांगले, सुनील उईके, प्रतीक गजभिये, मंगेश गेडाम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी माध्यमों का उपयोग कर सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
