

Gastric Balloon Therapy in Hindi: महाराष्ट्र में बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों के बीच लोग अब वैज्ञानिक और मेडिकल निगरानी वाले वजन प्रबंधन विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। गैस्ट्रिक बैलून थेरेपी एक नॉन-सर्जिकल तरीका बनकर उभर रही है, जिसमें योग्य मरीजों को वजन कम करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे का इलाज केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए समय पर सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है।
मोटापा टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, नींद संबंधी समस्याओं और कई अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ समय पर सही जांच और चिकित्सकीय निगरानी में वजन प्रबंधन की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
वजन कम करने के उपलब्ध विकल्पों में इंट्रागैस्ट्रिक बैलून थेरेपी (गैस्ट्रिक बैलूनिंग) एक नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया के रूप में सामने आई है। इसमें एक विशेष गुब्बारे को एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए पेट के अंदर रखा जाता है। यह गुब्बारा पेट में जगह घेरता है, जिससे व्यक्ति को जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होता है और खाने की मात्रा नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस्ट्रिक बैलून थेरेपी तभी अधिक प्रभावी होती है, जब इसे संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, व्यवहार में बदलाव और लगातार मेडिकल फॉलो-अप के साथ अपनाया जाए। इसका उद्देश्य केवल वजन घटाना नहीं, बल्कि मरीज को लंबे समय तक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करना है।
चिकित्सकों का कहना है कि सफल वजन मैनेजमेंट का असर केवल वजन मशीन पर दिखने वाले आंकड़ों तक सीमित नहीं होता। अतिरिक्त वजन कम होने से चलने-फिरने में सुधार, ऊर्जा स्तर में बढ़ोतरी, जोड़ों पर दबाव में कमी, मेटाबोलिक स्वास्थ्य में सुधार और ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
हीलिंग हैंड्स क्लिनिक के कंसल्टेंट बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. परमेश्वर बाम्ब्रुले ने कहा कि मोटापा एक पुरानी बीमारी है, जिसके लिए त्वरित समाधान के बजाय व्यक्तिगत और व्यापक उपचार योजना की जरूरत होती है। उनके अनुसार, गैस्ट्रिक बैलून थेरेपी कुछ चुनिंदा मरीजों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है, लेकिन इसका लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता हासिल करना होना चाहिए।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मोटापे से जूझ रहे हर व्यक्ति को सर्जरी या किसी एक विशेष प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती। गैस्ट्रिक बैलून थेरेपी जैसे विकल्प मरीज के बॉडी मास इंडेक्स (BMI), स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और मेडिकल जांच के आधार पर तय किए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा विकल्पों को स्थायी जीवनशैली बदलावों के साथ अपनाने से लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य हासिल किया जा सकता है।