नागपुर जंक्शन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Kavach Technology Nagpur Railway: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नागपुर रेल मंडल ने माल ढुलाई और राजस्व संग्रह में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जहां एक ओर लौह अयस्क और स्टील की लोडिंग में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई वहीं दूसरी ओर कबाड़ निोपटान में पिछले 3 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया है।
नागपुर मंडल के डीआरएम विनायक गर्ग ने उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि नागपुर मंडल से पहली बार लूज सीमेंट रेलवे के जरिए मुंबई भेजने में सफलता मिली है। इसी प्रकार कंटेनर के जरिए भी बड़े पैमाने पर सीमेंट भेजा गया है। लोहे की ढुलाई कम हुई है, लेकिन आयरन ओर की ढुलाई काफी बढ़ गई है। इस अवसर पर सीनियर डीसीएम अमन मित्तल, कृष्णाथ पाटिल उपस्थित थे।
लौह अयस्क में 176.7% की जबरदस्त वृद्धि देखी गई। पिछले साल के 1.50 मिलियन टन के मुकाबले इस साल 4.16 मिलियन टन लोडिंग हुई। रैक की संख्या भी 371 से बढ़कर 1020 हो गई।
नया ट्रैफिक : बल्लारशाह गुड्स शेड से ‘आयरन ओर पेलेट्स’ की नई लोडिंग शुरू हुई
नए उत्पाद : धामनगांव और वर्धा गुड्स शेड से पहली बार शीरा की ढुलाई शुरू की गई।
नवाचार : नवंबर 2025 में राजुर से पहली बार कंटेनरों में सीमेंट लोड किया गया।
वेकोलि लोडिंग में कमी : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) की ओर से लोडिंग में 21.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई जिसका मुख्य कारण परिवहन में कमी रहा।
कुल लक्ष्य : इस साल कुल 42.72 मिलियन टन की लोडिंग हासिल की गई जो पिछले साल (45.45 मिलियन टन) की तुलना में 6% कम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिचालन
नये गुड्स शेड : दिनेश ओसीएम, मुंगोली निर्गुडा (फेज-1) और नये बल्लारशाह गुड्स शेड को चालू किया गया। टर्मिनल डिटेंशन (लोडिंग-अनलोडिंग में लगने वाला समय) में 2% से 8% तक का सुधार हुआ है।
नागपुर के मंडल रेल कार्यालय में यूनिफाइड कवच कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट सेटअप भी तैयार कर लिया गया है जिससे प्रणाली की सटीकता की जांच की जा सकेगी। मंडल में कुल 102 टावर लगाए गए हैं। यह संख्या मध्य रेल के किसी भी मंडल में सबसे अधिक है। ये टावर इंजन और स्टेशन के बीच रेडियो संचार के लिए रीढ़ की हड्डी का काम करेंगे।
गर्ग ने बताया कि गोधनी और अजनी स्टेशन का विस्तार मुख्य स्टेशन के रूप में किया जा रहा है। नये प्लेटफॉर्म बनाये जा रहे हैं। इससे नई ट्रेनें शुरू करने में काफी मदद मिलेगी। इन दोनों स्टेशनों का विकास भी बड़े स्टेशन के रूप में ही किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें – ATF: समर वेकेशन का बजट बिगड़ा! नागपुर से गोवा-इंदौर जाना हुआ महंगा, टिकट के दाम सुनकर उड़ जाएंगे होश
इस वित्तीय वर्ष में 7 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इनमें हाई-स्पीड पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस और आम यात्रियों के लिए किफायती एलटीटी-सहरसा व पनवेल-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इस साल अब तक विशेष ट्रेनों के 8,840 फेरे लगाए गए हैं जिनमें 348 त्योहारी विशेष ट्रेनें शामिल हैं।
15 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच 2,169 समर स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है। 2,169 ट्रेनों में से 1,359 ट्रेनें विशेष रूप से महाराष्ट्र के भीतर या यहां से शुरू होकर चलेंगी, जबकि शेष अन्य राज्यों के लिए होंगी।