नागपुर: पूनम टावर-चैंबर्स अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट सख्त, मालिक को खर्च जमा करने का आदेश

Poonam Tower Demolition Case: नागपुर के चर्चित पूनम टावर और पूनम चैंबर्स मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए मालिक को तोड़फोड़ खर्च जमा करने का आदेश दिया है।
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पूनम टावर (सौ. सोशल मीडिया )
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Nagpur Power Tower Illegal Construction: शहर के चर्चित पूनम टावर और पूनम चैंबर्स के अवैध निर्माण मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने सख्त आदेश जारी किया।

हाई कोर्ट ने इमारत के मालिक एन कुमार को निर्देश दिया है कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में हुए खर्च की पूरी राशि 2 सप्ताह के भीतर महानगरपालिका (मनपा) में जमा करें। मनपा की ओर से अधि। जैमिनी कासट ने पैरवी की।

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के पिछले आदेश का पालन करते हुए मनपा के वकील जैमिनी कासट ने अदालत के समक्ष तोड़‌फोड़ के खर्च का विस्तृत हिसाब पेश किया। इस हिसाब के अनुसार, पूनम चैंबर्स में अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई में 31।40 लाख रुपये का खर्च आया है, जबकि पूनम टावर की कार्रवाई पर 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

सीए की उपस्थिति पर आपत्ति

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अभिरुचि अग्रवाल अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित थीं। उनकी उपस्थिति पर हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि प्रतिवादी या तो स्वयं अपना पक्ष रखे या फिर किसी वकील के माध्यम से ही मामला अदालत में पेश करे। हालांकि अदालत ने उन्हें सुनवाई के दौरान अपनी बात रखने का आखिरी मौका प्रदान किया।

इसके अलावा मनपा की ओर से पेश हुए वकील अधि। कासट ने अतिक्रमण गिराने की कार्रवाई को पूरी करने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए महानगरपालिका को तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए 10 दिन की मोहलत बढ़ा दी है।

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