पूनम चैंबर्स पर चला बिल्डर का हथौड़ा, हाई कोर्ट में शपथपत्र देने के बाद शुरू हुई तोड़फोड़!

Poonam Chambers Nagpur Encroachment: पूनम चैंबर्स और पूनम टॉवर्स के अवैध निर्माण पर हथौड़ा शुरू। बिल्डर एन. कुमार ने हाई कोर्ट में दिया शपथपत्र। 22 अधिकारियों पर गाज गिरने की संभावना।
emolition begins at Poonam Chambers and Poonam Towers in Nagpur following a High Court affidavit by builder N. Kumar. Over 20 officials face inquiry.
पूनम चैंबर्स में तोड़फोड़ (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur High Court Verdict: पूनम चैंबर्स में हुए अवैध निर्माण को लेकर मनपा द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए एन। कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी तरह से पूनम टॉवर्स के संदर्भ में भी प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले में सुनवाई के दौरान दोनों सम्पत्तियों के मालिक एन. कुमार की ओर से स्वयं ही अनधिकृत निर्माण ढहाने का शपथपत्र दिया गया जिसके अनुसार अब पूनम चैंबर्स पर हथौड़ा चलना शुरू हो गया है।

बुधवार को पूनम चैंबर्स के बेसमेंट में हुए अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्यवाही स्वयं सम्पत्तिधारक ने की। विशेषत: पूनम चैंबर्स के साथ ही विधानभवन के सामने स्थित पूनम टॉवर्स के अवैध निर्माण को भी गिराया जाना है।

पूनम चैंबर्स के हिस्से पाए गए अवैध?

मनपा द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 124/OW/AC-II/2026) के अनुसार, पूनम चैंबर्स के इन हिस्सों को अनधिकृत घोषित किया गया है। -बेसमेंट के 2 बड़े हिस्से (510.58 और 123.42 वर्ग मीटर) -पहली से 8वीं मंजिल के उत्तर की ओर का निर्माण। -पहली मंजिल पर 1000.39 वर्ग मीटर का अतिरिक्त सर्विस फ्लोर।

जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज की संभावना

इस मामले में 2015 से लेकर 2024 तक की अवधि के दौरान तैनात अधिकारियों की सूची प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश हाई कोर्ट की ओर से दिए गए। अदालत का मानना था कि जो इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने में विफल रहे उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अब 22 तत्कालीन और वर्तमान आयुक्त तथा सहायक आयुक्तों के नामों की सूची प्रेषित की गई है जिसके बाद हाई कोर्ट ने इन्हें प्रतिवादी बनाकर उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है जिससे इन जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई नहीं करने के लिए गाज गिरने की संभावना है।

पूनम टॉवर्स में इन हिस्सों पर भी चलेगा डंडा

  • पार्किंग क्षेत्र : 1298.40 वर्गमीटर का अवैध निर्माण।
  • भूखंड सीमा के बाहर : 1494.06 वर्गमीटर का अतिरिक्त निर्माण।
  • 7वीं मंजिल : 1175.42 वर्गमीटर का पूरा अवैध हिस्सा।
  • ऊंचाई उल्लंघन : स्वीकृत सीमा से 3.00 मीटर अतिरिक्त ऊंचा निर्माण।
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