Nagpur: युद्ध के दौरान पेट्रोल की कमी की अफवाह से पंपों पर लगीं लंबी कतारें; आधी रात तक मची रही अफरा-तफरी
Nagpur Petrol Pump Rush: इजराइल-ईरान युद्ध के चलते पेट्रोल खत्म होने की अफवाह। नागपुर के पंपों पर उमड़ी भारी भीड़। प्रशासन ने कहा- स्टॉक पर्याप्त है, अफवाहों पर ध्यान न दें।
- Written By: प्रिया जैस
पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Fuel Shortage Rumors Nagpur: मध्य-पूर्व एशिया में इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण पेट्रोल की कमी की अफवाहें फैलने से नागपुर में लोग पेट्रोल पंप पर जमा हो गए। इन अफवाहों से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी जिससे स्थिति बिगड़ गई।
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज ‘युद्ध से कच्चा तेल आयात बंद हो जाएगा और पेट्रोल पंप बंद पड़ने वाले हैं’ ने जिले के लोगों की चिंता बढ़ा दी। नतीजा यह हुआ कि कई पेट्रोल पंपों पर देर रात तक गाड़ियों की लंबी लाइनें देखी गईं।
सोशल मीडिया की अफवाहों ने बढ़ाई घबराहट
स्थानीय लोगों के मुताबिक वाट्सएप और फेसबुक पर फैले संदेशों में दावा किया गया कि मध्य-पूर्व एशिया में तनाव के कारण भारत में ऑयल सप्लाई प्रभावित होगी। इसी बीच कुछ पंपों पर टैंकर देरी से पहुंचने और छुट्टियों (रविवार व धूलिवंदन) के चलते अस्थायी बंदी की खबर ने अफवाहों को और हवा दे दी।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर हाईकोर्ट का फैसला: इस्लाम मानने वालों को नहीं मिल सकता SC का दर्जा; संविधान आदेश 1950 को ठहराया वैध
नागपुर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप! सरकारी नर्सों ने किया 2 घंटे काम बंद आंदोलन; अस्पतालों में मरीज हुए परेशान
सड़क या ताल-तलैया? उत्तर नागपुर के देवीनगर-मांजरी में नरक बनी जिंदगी; जान जोखिम में डाल सफर करने को मजबूर लोग
नागपुर MRO में गतिविधियों पर ब्रेक: हड़ताल के बाद सीमित हुआ कामकाज, एयर इंडिया ने नए विमानों का मेंटेनेंस रोका
लोगों ने एहतियातन अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवाना शुरू कर दिया जिससे आर्टिफिशियल शॉर्टेज जैसा माहौल बन गया। सिटी में कई पंपों पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। भीड़ संभालने के लिए कुछ जगहों पर पुलिस को भी बुलाना पड़ा।
अफवाहों से रहें सावधान
पेट्रोल पंप संचालकों ने साफ किया कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनका कहना है कि युद्ध को लेकर फिलहाल स्थानीय सप्लाई पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक स्टॉक न करें और केवल जरूरत के अनुसार ईंधन भरवाएं। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से कहा है कि वे अप्रमाणित सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा न करें। आधिकारिक सूचना के लिए सरकारी स्रोतों पर ही ध्यान दें।
