नागपुर में संतरा किसानों को ICAR का मार्गदर्शन: जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई व स्ट्रेस मैनेजमेंट से बढ़ेगा उत्पादन
Nagpur Organic Farming: नागपुर के कोहली गांव में ICAR वैज्ञानिकों ने संतरा बाग का निरीक्षण कर किसानों को जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक उपाय बताए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर संतरा खेती, किसान मार्गदर्शन,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur ICAR Scientists Visit: मोहपा कलमेश्वर तहसील के कोहली गांव में संतरा उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय दौरा आयोजित किया गया। प्रगतिशील किसान सुषमा वानखेडे के संतरा बाग का निरीक्षण करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) के अंतर्गत नागपुर स्थित राष्ट्रीय नींबूवर्गीय फल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक पहुंचे।
उन्होंने बाग की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए खाद, पानी, तनाव प्रबंधन तथा जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। गुरुवार शाम आयोजित इस दौरे में डॉ. सुरजित मंडल, डॉ. देवदास मेश्राम और दर्शन कदम मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
वैज्ञानिकों ने संतरा बाग के पेड़ों का निरीक्षण कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है।
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दीर्घकालीन उत्पादन के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जैविक खाद, सूक्ष्मजीवों के उपयोग और मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही ड्रिप सिंचाई और सेंसर तकनीक के माध्यम से पानी के सटीक उपयोग पर विशेष जोर दिया।
विभिन्न वृद्धि चरणों में सिंचाई प्रबंधन और जल संरक्षण के उपाय भी बताए गए। तनाव प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वैज्ञानिकों ने बताया कि सही समय पर तनाव देने और समाप्त करने से फूलों की संख्या और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
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उर्वरक संकट पर जैविक ही विकल्प
ईरान-अमेरिका तनाव के कारण उर्वरकों को आपूर्ति प्रभावित होने की आसका जताई गई, वैज्ञानिकों ने कम उर्वरकों में प्रभावी खेती, जैविक विकल्पों और उत्पादन बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की इस दौरान किसानों ने अपने प्रशान रखे, तिनकार वैज्ञानिकों ने समाधान किया कार्यक्रम में कोहली सहित आसपास के क्षेत्रों के अनेक किसान उपस्थित रहे। अंत में डॉ. आरती वानखेडे पवार ने आभार व्यक्त किया।
