धरोहर संरक्षण में अब 'कमेटी' का ड्रामा नहीं चलेगा! हाई कोर्ट ने PWD को सौंपा काम, ASI रखेगा बाज जैसी नजर

PWD Old High Court Building Nagpur: नागपुर की ऐतिहासिक 'ओल्ड हाई कोर्ट' बिल्डिंग का होगा कायाकल्प। हाई कोर्ट ने PWD और ASI को 19 अप्रैल तक संयुक्त बैठक करने के दिए निर्देश।
Bombay High Court orders PWD and ASI to hold a joint meeting for the conservation of Nagpur's Old High Court building. Work to be monitored by ASI under National Conservation Policy.
हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
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PWD Maharashtra: ऐतिहासिक धरोहरों ओल्ड हाई कोर्ट बिल्डिंग के संरक्षण कार्य को लेकर चल रही सुनवाई के बाद गुरुवार को न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को संरक्षण कार्यों की रूपरेखा और तौर-तरीके तय करने के लिए एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान पुरातत्व विभाग की ओर से हलफनामा पेश किया गया। इस हलफनामे में यह स्पष्ट किया गया है कि संरक्षण का कार्य राज्य के लोक निर्माण विभाग को सौंपा जा सकता है। हालांकि, यह पूरा कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नागपुर सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् की सख्त निगरानी में और 'राष्ट्रीय संरक्षण नीति, 2014' के प्रावधानों के तहत ही किया जाएगा।

तय होगी संरक्षण की रूपरेखा

पुरातत्व विभाग के इस हलफनामे को संज्ञान में लेते हुए, हाई कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और एएसआई, नागपुर के अधीक्षण पुरातत्वविद् को एक साझा बैठक करने का निर्देश दिया है। बैठक में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा। जिसमें संरक्षण कार्य से जुड़े तौर-तरीके, पुरातत्व विभाग द्वारा कार्य के लिए फंड (धनराशि) उपलब्ध कराना, पुरातत्व विभाग द्वारा पीडब्ल्यूडी को दी जाने वाली तकनीकी या अन्य सहायता और कार्य के लिए टेंडर (निविदा) प्रक्रिया को संचालित करने का तरीका तय किया जाएगा।

कोर्ट ने दिया था सुझाव

हाई कोर्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यह संयुक्त बैठक 19 अप्रैल 2026 को या उससे पहले संपन्न हो जानी चाहिए। साथ ही इस बैठक में लिए गए निर्णयों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 को न्यायालय के रिकॉर्ड में दाखिल करना अनिवार्य होगा।

गत सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया था कि यदि विभाग इस कार्य को गंभीरता से लेकर समय के भीतर पूरा करने में अक्षम है, तो यह बिल्डिंग कार्य पूरा करने के लिए PWD विभाग को हस्तांतरित कर दें। कोर्ट ने कहा कि इस हाई कोर्ट की इमारत में पीडब्ल्यूडी पहले भी कार्य कर चुका है।

उसे कार्य का न केवल अनुभव है, बल्की उसके पास तकनीकी ज्ञान और कर्मचारी तथा मशीनरी भी उपलब्ध है जिससे कार्य पूरा हो सकेगा। एएसआई की ओर से हलफनामा में कार्य पूरा करने के लिए एक कमेटी गठित करने का सुझाव भी दिया गया जिसे लेकर कोर्ट ने कहा कि कमेटी की आवश्यकता ही नहीं है। कोर्ट को अब कार्य पूरा करने के लिए किसी कमेटी की आवश्यकता नहीं है।

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