कामबंद आंदोलन का ऐसा हश्र: नंदनवन से लेकर पांचपावली तक यूपीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं

Nagpur NMC Doctor Strike: नागपुर मनपा के 33 स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की हड़ताल। 2 महीने से वेतन न मिलने पर 700 कर्मचारी काम बंद आंदोलन पर। मुख्यालय से डॉक्टरों की वैकल्पिक तैनाती।
33 Urban Public Health Centers in Nagpur paralyzed as doctors and nurses strike over 2 months of unpaid salaries.
डॉक्टरों की हड़ताल (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Public Health Crisis: नागपुर महानगरपालिका में प्रशासक राज खत्म होने के बाद सिटी की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होने की संभावना जताई जा रही थी किंतु आलम यह है कि सत्ता के लौटने को अभी 10 दिन भी नहीं हुए हैं कि बकाया वेतन को लेकर कर्मचारियों का रोष उजागर होने लगा है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया सकता है कि गत 3 दिनों से ही अर्बन पब्लिक हेल्थ सेंटर्स में कार्यरत डॉक्टर्स और नर्सों सहित अन्य कर्मचारियों ने काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया जिसका हश्र यह हुआ कि मनपा की पूरी स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई।

यहां तक कि अस्पतालों की ओपीडी पूरी तरह से बंद होने के कारण अंतत: बुधवार को मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्यालय और अन्य बड़े अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर्स और नर्सों को 33 यूपीएचसी में भेजने के आदेश जारी कर दिए गए जिससे फिलहाल मरीजों का इलाज संभव हो रहा है।

केंद्र सरकार से मिलती है निधि

बताया जाता है कि अर्बन पब्लिक हेल्थ सेंटर (यूपीएचसी) के लिए केंद्र सरकार की ओर से निधि का आवंटन किया जाता है। यूपीएचसी में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन पर प्रति माह लगभग 2 करोड़ रुपए का खर्च होता है जिसका आवंटन केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है। किंतु गत 2 माह से केंद्र सरकार ने निधि का आवंटन नहीं किया जिसके चलते नाममात्र मानधन पर कार्यरत डॉक्टर्स और नर्सों की दिनचर्या पर असर पड़ा है। हालांकि यह तीसरा महीना है जिसमें अनुदान मार्च महीने में प्राप्त होगा। किंतु इन कर्मचारियों का 2 माह का बकाया भुगतान के लिए तुरंत निधि की आवश्यकता है।

  • 4 करोड़ का अटक गया भुगतान
  • 2 माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं

एसी से निकलना पड़ा बाहर

बताया जाता है कि मनपा मुख्यालय और मनपा के अन्य बड़े अस्पतालों में कुछ डॉक्टर्स और नर्सों की तैनाती है। एसी में बैठकर अस्पतालों का संचालन करने वाले इन वैद्यकीय अधिकारियों को उस समय पसीना बहाना पड़ गया जब मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश जारी कर इन चिकित्सा अधिकारियों की अस्थायी रूप से यूपीएचसी में नियुक्ति कर दी। यहां तक कि तुरंत प्रभाव से उन्हें आवंटित स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यभार संभालने के निर्देश भी दिए गए।

इस तरह कुछ डॉक्टरों की हुई नियुक्ति

  • लक्ष्मीनगर जोन : खामला UPHC में डॉ. सुनील कांबले और सोनेगांव UPHC में डॉ. शिल्पा जिचकार को तैनात किया गया।
  • हनुमाननगर जोन : हुडकेश्वर में डॉ. प्रक्षित चोहतकर और सोमवारी क्वार्टर UPHC में डॉ. जयश्री चन्ने सेवाएं देंगे।
  • धंतोली जोन : चिंचभवन UPHC की कमान डॉ. शीतल वांडिले और नरेंद्रनगर की जिम्मेदारी डॉ. गोवर्धन नवखरे को सौंपी गई।
  • नेहरूनगर जोन : नंदनवन में डॉ. गजानन पावाने और दिघोरी UPHC में डॉ. सरला लाड की नियुक्ति की गई।
  • आसीनगर जोन : पांचपावली में डॉ. श्रेयश बांग और कपिलनगर में डॉ. दीपांकर भिवागडे को तैनात किया गया।

अन्य जोन में भी तैनाती

इसके अतिरिक्त गांधीबाग, सतरंजीपुरा, लकड़गंज और मंगलवारी जोन के अंतर्गत आने वाले केंद्रों पर भी सुचारु कामकाज के लिए डॉक्टरों और कर्मचारियों की सूची जारी की गई है। नियमित डॉक्टरों की अनुपस्थिति में भी प्राथमिक उपचार और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम जनता को दिलाने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है।

  • 51 यूपीएचसी (अर्बन पब्लिक हेल्थ सेंटर) उपलब्ध
  • 33 यूपीएचसी पर हड़ताल का पड़ा असर
  • 700 कर्मचारियों का अटका है वेतन
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