नागपुर मनपा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NMC Administrator Rule Ends: नागपुर महानगरपालिका में प्रशासक राज के 4 वर्षों बाद मनपा में नई सत्ता स्थापित हुई। हालांकि नई सत्ता की ओर से कुछ मामलों को लेकर अब तक 2 विशेष सभाएं तो कराई गईं किंतु अब नए कार्यकाल में शुक्रवार को मनपा की पहली आम सभा होने जा रही है।
मनपा की इस आम सभा के पहले एक घंटे के प्रश्नोत्तरकाल के लिए जहां सत्ता पक्ष के 8 पार्षदों की ओर से प्रशासन को घेरने की तैयारी है, वहीं विपक्षी दल की ओर से स्वयं विपक्षी नेता संजय महाकालकर और अन्य एक सदस्य ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करने का मानस जताया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तैयारियों को देखते हुए पहली ही आम सभा में हंगामे के आसार होने की संभावना जताई जा रही है।
मनपा के आम सभा में हंगामे का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सदन के विचारार्थ प्रशासन को प्रश्न प्राप्त होने शुरू हो गए हैं। सदन की कार्यवाही की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहला एक घंटा प्रश्नोत्तरकाल का होता है जिसके लिए अभी से पार्षदों की ओर से प्रशासन को प्रश्न दिए गए हैं। बताया जाता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से अब तक 25 के करीब प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं जिन्हें संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है।
संबंधित विभागों की ओर से सदन में उपस्थित होने वाले इन सवालों के जवाब तैयार किए गए हैं। यहां तक कि संबंधित पार्षदों को जवाब भी भेज दिया गया है। प्रशासन के जवाबों से संतोष नहीं होने के कारण अब सदन में जवाब मांगा जाएगा। चूंकि 4 वर्षों के बाद आम सभा का आयोजन होने जा रहा है, ऐसे में कुछ विभागों में नए अधिकारी और कर्मचारी इन सवालों को लेकर चिंतित हैं। नियमों के अनुसार केवल 10 प्रश्न ही लिए जाएंगे।
मनपा की आम सभा में प्रश्नोत्तरकाल के बाद विषय पत्रिका में एजेंडे के अनुसार निर्धारित विषयों पर चर्चा होगी। इस विषय पत्रिका के अनुसार आम सभा में दुर्बल घटक समिति के गठन का भी विषय होने की जानकारी सूत्रों ने दी।
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बताया जाता है कि नियमों के अनुसार चुनाव के बात सभी संवैधानिक समितियों का गठन हुआ है किंतु दुर्बल घटक समिति का गठन नहीं हो पाया है जिससे आम सभा में दुर्बल घटक समिति का सभापति भी तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी तरह से अग्निशमन समिति के सभापति के रूप में इसके पूर्व सदन की सदस्य माया इवनाते का नाम तय किया गया था किंतु उनकी राज्यसभा में तोजपोशी होने के कारण उन्होंने समिति से इस्तीफा दे दिया जिससे अब उनके स्थान पर नए सदस्य का चयन भी इसी सभा में होगा।