‘देवदूत’ कहे जाने वाले न्यूरो सर्जन डॉ. पाखमोडे का निधन, CM फडणवीस और नितिन गडकरी ने जताया शोक
Dr Chandrashekhar Pakhmode Death: नागपुर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे का 55 वर्ष की आयु में निधन। नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस ने जताया शोक।
- Written By: प्रिया जैस
देवेंद्र फडणवीस ने डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे के निधन पर शोक जताया
Dr. Chandrashekhar Pakhmode Passes Away: नागपुर सिटी के सुप्रसिद्ध मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी के विशेषज्ञ (न्यूरो सर्जन) डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे के आकस्मिक निधन से सिटी का डॉक्टर जगत स्तब्ध रह गया। न्यूरो सर्जन के रूप में उनकी ख्याति काफी थी लेकिन 55 वर्ष की अल्पायु में उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।
डॉक्टरों को यह खबर मिली लेकिन उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उनके निधन की खबर से चिकित्सा क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया। उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन को चिकित्सा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति और अत्यंत हृदयविदारक बताया।
‘देवदूत’ थे डॉ. पाखमोडे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने न्यूरो सर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे के निधन पर शोक व्यक्त किया। अपने शोक संदेश में डॉ. पाखमोडे के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मध्य भारत के चिकित्सा क्षेत्र में अपने सटीक निदान और शल्य चिकित्सा कौशल से एक अटूट विश्वास पैदा किया था। डॉ. पाखमोडे पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से नागपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
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उन्होंने अपने करिअर में अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण हजारों ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर मरीजों को नया जीवनदान दिया। वे विशेष रूप से गरीब और सामान्य वर्ग के मरीजों के लिए किसी ‘देवदूत’ से कम नहीं थे। कई लोगों की जिंदगी बचाने में उन्होंने अहम योगदान निभाया था। चिकित्सा जगत उन्हें हमेशा उनके काम और सहज व्यक्तित्व के लिए याद रखेगा।
