सीएम की सिटी में फिर ‘भगवा’, चौथी बार लगातार नागपुर मनपा पर भाजपा का कब्जा
BJP Nagpur Victory: नागपुर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने चौथी बार लगातार पूर्ण बहुमत हासिल कर सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस पिछड़ गई और मुस्लिम लीग व एमआईएम ने पहली बार खाता खोला।
- Written By: आंचल लोखंडे
BJP Nagpur Victory:नागपुर महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Election Result: मुख्यमंत्री की सिटी नागपुर में एक बार फिर भाजपा का भगवा पूर्ण बहुमत के साथ लहराया है। चौथी बार लगातार नागपुर महानगरपालिका पर कब्जा जमाने से भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर मनपा के सबसे युवा महापौर रह चुके हैं। कभी कांग्रेस का गढ़ रही इस महानगरपालिका पर भाजपा ने पिछले दो दशकों से अपना वर्चस्व कायम रखा है।
भाजपा 103 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, जिनमें से अधिकांश सीटों के परिणाम घोषित हो चुके थे। सुबह मतगणना शुरू होते ही पहले ही राउंड से भाजपा ने बढ़त बना ली थी। 151 सीटों वाली नागपुर महानगरपालिका में सत्ता के लिए 76 सीटों की आवश्यकता होती है, लेकिन 6-7 राउंड की मतगणना के बाद ही रुझानों से स्पष्ट हो गया था कि भाजपा निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी है।
कांग्रेस ने 29 सीटें जीती
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनके गृहनगर में भाजपा को फिलहाल कोई बड़ी चुनौती नहीं है। कांग्रेस 33 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। पिछले मनपा चुनाव में कांग्रेस ने 29 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार एंटी-इन्कम्बेंसी का लाभ उठाने में वह असफल रही।
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गडकरी ने संभाली प्रचार की कमान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में कुछ सभाएं कीं, लेकिन सर्वाधिक चुनावी सभाएं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कीं। जब मुख्यमंत्री मुंबई, पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों में चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, तब गडकरी ने अपने गढ़ नागपुर में धुआंधार प्रचार कर पार्टी की कमान संभाले रखी। भाजपा ने पूरे चुनाव अभियान में केवल विकास कार्यों को मुद्दा बनाया और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत आलोचना से परहेज किया। इसका सीधा लाभ पार्टी को मिला और मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया।
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मुस्लिम लीग और एमआईएम का पहली बार खाता
नागपुर में पहली बार मुस्लिम लीग और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने अपना खाता खोलकर सभी दलों को चौंका दिया। मुस्लिम लीग 4 सीटों पर, जबकि एमआईएम 3 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आई। इन दोनों दलों ने बसपा को भी पीछे छोड़ दिया और दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों तथा दोनों शिवसेनाओं से बेहतर प्रदर्शन किया।
