समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी सुरक्षा, बनेंगे 15 नए पुलिस सहायता केंद्र, 420 कर्मचारी होंगे तैनात
Maharashtra News: नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बढ़ाने 15 नए पुलिस सहायता केंद्र, 420 कर्मचारियों की तैनाती, नियमों की अनदेखी और दुर्घटनाओं पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित।
- Written By: आकाश मसने
बैठक में मौजूद मंत्री पंकज भाेयर व अन्य अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Samriddhi Expressway Police Help Centers: नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बढ़ती वाहन संख्या, चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने 15 स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य के गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने नागपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
राज्य के राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर वर्तमान में 63 सहायता केंद्र और 13 हेल्प डेस्क कार्यरत हैं। अब समृद्धि महामार्ग पर भी सुरक्षा व सहायता की दृष्टि से यह व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में सीमित मनुष्यबल में 27 अधिकारी, 147 कर्मचारियों की तैनाती है। इस कारण निगरानी में कठिनाई आ रही। इसलिए अब प्रत्येक केंद्र पर 37 कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे।
इन केंद्रों के लिए कुल 420 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इनमें 16 एपीआई, 32 पीएसआई, 48 एएसआई, 276 पुलिस सिपाही और 48 वाहन चालक शामिल होंगे।
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बैठक में विशेष आईजी रेंज संदीप पाटिल, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल कुमार गायकवाड़, मुख्य अभियंता अंसारी, पुलिस अधीक्षक महामार्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यशवंतराव सोलंके तथा अन्य अधिकारी प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
इन स्थानों पर बनेंगे सहायता केंद्र
वायफल, येलाकेली, धामणगांव, गावनेर शिवणी, कारंजा लाड, मालेगांव जहांगीर, दुसरबीड, सिंदखेड राजा, जालना, छत्रपति संभाजी नगर, हडस-पिंपलगांव, शिर्डी, सिन्नर, इगतपुरी और शहापुर का समावेश होगा। इसके अतिरिक्त छत्रपति संभाजी नगर में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा।
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केंद्र को 16 चारपहिया, 16 दोपहिया वाहन, 15 स्पीड गन, 15 टिंट मीटर, 15 ब्रीथ एनालाइज़र, मोबाइल फोन, कम्प्यूटर, प्रिंटर, टेलीविजन, डिजिटल वायरलेस सेट, रिपीटर, वॉकी-टॉकी और वायरलेस टावर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक केंद्र का क्षेत्रफल लगभग 3,000 वर्ग फुट होगा।
तत्काल उपलब्ध कराएं मनुष्यबल
मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि समृद्धि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है लेकिन चालक इससे अधिक गति से वाहन चलाते हैं।
समृद्धि महामार्ग के लिए स्वतंत्र मनुष्यबल उपलब्ध न होने के कारण लापरवाह चालकों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो पा रहा। इसलिए अब पुलिस सहायता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री भाेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों का निर्माण कार्य तात्कालिक रूप से पूरा किया जाए। साथ ही संबंधित पुलिस अधीक्षकों को सहायता केंद्र के लिए मनुष्यबल उपलब्ध कराने के निर्देश। उन्होंने कहा कि समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
