सोलर डिफेंस सिस्टम प्रोजेक्ट का शिलान्यास (सौजन्य-नवभारत)
MIHAN Robotics Project: सरहद पर -40 डिग्री जैसी विकट परिस्थितियों में सेवा देनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में रेगिस्तान में देश सेवा के लिए पसीना बहाना पड़ता है लेकिन अब जवानों को इससे राहत मिलेगी। नागपुर के मिहान में अत्याधुनिक रोबोट का निर्माण होगा।
मानव रहित ड्रोन का निर्माण होगा, जो सरहद की सुरक्षा कर पाने में सक्षम होंगे। यह नागपुर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश के लिए गौरव करने वाली बात है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्लांट के भूमिपूजन के अवसर पर ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में रक्षा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और एक नई विश्व व्यवस्था का उदय हो रहा है। ऐसे में जिस देश के पास मजबूत सामरिक शक्ति और उन्नत तकनीक होगी वही भविष्य में नेतृत्व करेगा। इस दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें सोलर समूह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिहान विशेष आर्थिक क्षेत्र में ‘सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ द्वारा स्थापित किए जाने वाले ‘रोबोटिक्स एंड यूएवी (यूएवी) फैसिलिटी’ परियोजना के भूमिपूजन समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक चरण सिंह ठाकुर तथा सोलर समूह के सत्यनारायण नुवाल, मनीष नुवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब भारत में रक्षा उत्पादन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी, लेकिन सोलर समूह ने निरंतर प्रयास करते हुए देश की अग्रणी रक्षा उत्पादन कंपनियों में जगह बनाई है। चाहे अत्याधुनिक ड्रोन हों या पिनाका रॉकेट जैसी तकनीक, सोलर समूह ने देश की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई दी है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने रक्षा, एयरोस्पेस और डीप-टेक के लिए नई नीति बनाई है, जिसके तहत यह परियोजना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सोलर समूह को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाना विश्व शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है। रोबोटिक इंजन और ड्रोन तकनीक आज के दौर की जरूरत है और इस क्षेत्र में सोलर समूह का नया प्रकल्प भविष्य की तकनीक को समर्पित है। उन्होंने निजी क्षेत्र की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित कर रही है।
उद्देश्य: इस इकाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मध्यम और लंबी दूरी के ड्रोन, रोबोट और विभिन्न रक्षा उपकरणों का निर्माण होगा।
स्वदेशी तकनीक: कंपनी पूरी तरह से स्वदेशी उत्पादों पर जोर देगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती मिलेगी।
रोजगार और विकास: इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और नागपुर की ‘डिफेंस हब’ के रूप में पहचान और अधिक मजबूत होगी।