

Nagpur Medical Hospital: समय से पहले जन्मे और गंभीर स्थिति वाले नवजातों के लिए शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) में उपचार की क्षमता बढ़ने जा रही है। 40 बेड क्षमता वाले नए एनआईसीयू का काम अंतिम चरण में है। अक्टूबर में इसे शुरू करने की तैयारी है। नए यूनिट के शुरू होने के बाद कुल क्षमता 90 बेड तक पहुंचेगी।
वर्तमान में मेडिकल के एनआईसीयू में 50 बेड हैं। नए यूनिट से इसमें 40 बेड और जुड़ेंगे। हालांकि पुराने एनआईसीयू के करीब 10 बेड अन्य यूनिट के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इस तरह अंतिम रूप से एनआईसीयू की क्षमता 50 से बढ़कर 80 बेड होगी। यानी नवजातों के लिए उपलब्ध बेड में 60 प्रतिशत की वृद्धि होगी। एनआईसीयू पहले भी गंभीर नवजातों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
कुछ महीने पहले यहां महज 700 ग्राम वजन वाले समय-पूर्व जन्मे नवजात का करीब 100 दिनों तक इलाज किया गया और उसे सफलतापूर्वक बचाया गया। नए एनआईसीयू के शुरू होने से ऐसे गंभीर मामलों के लिए अतिरिक्त बेड और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नए एनआईसीयू में वेंटिलेटर, सीपीएपी, ऑक्सीजन सपोर्ट, फोटोथेरेपी और आधुनिक मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। नवजात की स्थिति के अनुसार उपचार कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह या महीनों तक चल सकता है।
मेडिकल वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा कि नए अत्याधुनिक एनआईसीयू से नवजातों को तत्काल विशेष देखभाल और उपचार की सुविधा मिलेगी। क्षमता बढ़ने से भीड़ कम होगी और गंभीर मामलों में बिना विलंब उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकेगी। इसका लाभ नागपुर के साथ विदर्भ और मध्य भारत के परिवारों को मिलेगा।
राज्य सरकार ने मेडिकल और मेयो अस्पताल के विकास, विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमे क्रिटिकल केयर सुविधाओं का आधुनिकीकरण, रोबोटिक सर्जरी, कैथ लैब, न्यूक्लियर मेडिसिन सिस्टम, वार्डों का नवीनीकरण, स्काईवॉक, हॉस्टल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है।