नागपुर बना मध्य भारत का रेल हब, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताई नेटवर्क की अहमियत

Nagpur Railway Network: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि नागपुर व इतवारी स्टेशन मध्य भारत की रेल कनेक्टिविटी के प्रमुख केंद्र हैं, जहां से राज्यों के लिए ट्रेन सेवाएं संचालित होती है।
Nagpur emerges as Central India's rail hub; Railway Minister Ashwini Vaishnaw highlights the network's importance in the Lok Sabha.
नागपुर रेलवे, मध्य रेल, अश्विनी वैष्णव (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Nagpur Regional Rail Connectivity: मध्य रेल मुंबई जोन का नागपुर रेलवे नेटवर्क मध्य भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने में महत्वपूर्ण निभा रहा है। नागपुर और इतवारी स्टेशनों के माध्यम छिंदवाड़ा, सहित भूमिका से पांडुरना रायपुर, बिलासपुर और कोलकाता के बीच बड़ी संख्या में ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं।

इससे नागपुर की क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय रेल कनेक्टिविटी की अहमियत सामने आई है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि नागपुर रेल नेटवर्क विदर्भ को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख रेल केंद्र है।

छिंदवाड़ा-पांढुरना से सीधा रेल संपर्क

रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में नागपुर व इतवारी स्टेशन से छिंदवाड़ा के लिए 8 ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं दिल्ली रूट पर पांढुरना के लिए 36 ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं।

इससे विदर्भ और मप्र के बीच यात्रियों के आवागमन को रेल नेटवर्क के माध्यम से सुविधा मिल रही है। रायपुर बिलासपुर के लिए मजबूत कनेक्टिविटी: नागपुर से छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों रायपुर और बिलासपुर के लिए भी पर्याप्त रेल सेवाएं उपलब्ध हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, नागपुर और रायपुर के बीच 104 ट्रेन सेवाएं, जबकि नागपुर और बिलासपुर के बीच 78 ट्रेन सेवाएं संचालित हैं। यह कनेक्टिविटी व्यापार, रोजगार, शिक्षा और यात्राओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नई ट्रेन सेवाओं पर क्षमता अहम

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई ट्रेन शुरू करना या मौजूदा सेवाओं का विस्तार करना एक सतत प्रक्रिया है। इसके लिए कई तकनीकी और परिचालन पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। इनमें संबंधित रेल खंड की क्षमता, ट्रेन संचालन के लिए उपलब्ध पाथ, आवश्यक कोच एवं लोकोमोटिव की उपलब्धता और उनके अनुरूप बुनियादी ढांचे की स्थिति प्रमुख है।

मंत्रालय के अनुसार, रेल पटरियों और अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव की जरूरत, रोलिंग स्टॉक की उपलब्धता तथा संबंधित रेल खंड पर यात्रियों और यातायात की मांग भी ट्रेन सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए किसी नए मार्ग पर ट्रेन शुरू करने अथवा सेवा बढ़ाने का निर्णय इन सभी कारकों के समग्र आकलन के बाद लिया जाता है।

कोलकाता तक भी रेल नेटवर्क

नागपुर से पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता के लिए भी रेल संपर्क मजबूत है। रेल मंत्रालय ने बताया कि नागपुर और कोलकाता के बीच 32 ट्रेन सेवाएं उपलब्ध है। इस तरह नागपुर उत्तर-दक्षिण के साथ-साथ पूर्वी भारत की दिशा में भी रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।

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