नागपुर सरकारी अस्पताल की बदहाली, पीने के पानी को तरसे मरीज; बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सवाल
Nagpur Medical Hospital Issues: नागपुर मेडिकल में बंद वाटर फिल्टर और तालेबंद शौचालयों से मरीज व परिजन परेशान। पीने के पानी के लिए पैसे खर्च करने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सवाल उठे।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मेडिकल अव्यवस्था,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Water Crisis in Hospital: नागपुर शहर में शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) में बुनियादी सुविधाओं का अभाव नजर आ रहा है। बता दें कि यहां वाटर फिल्टर बंद होने के कारण मरीजों व उनके परिजनों को पीने के पानी और शौचालय पर ताला होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही यहां गंदगी का आलम नजर आ रहा है। सूत्रों ने यह चौंकाने वाली बात उजागर की। सूत्रों के अनुसार करीब 1 माह से यहां के वाटर कूलर में पानी नहीं आ रहा है। अधिकांश वार्ड में पानी का अभाव, वाटर फिल्टर मशीन बंद व नलों में पानी नहीं है। परिणामस्वरूप मरीजों के परिजनों को उसी परिसर में शासन द्वारा संचालित पानी विक्री केंद्र पर जाकर पैसे देकर पानी खरीदना पड़ रहा है।
इसके अलावा अस्पताल परिसर में सार्वजनिक शौचालय का काम अधूरा है और उस पर ताला लगा हुआ है। इससे बाहर से आए मरीजों के परिजनों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। मरीजों को भर्ती करने के बाद परिजनों को खाने, सोने व शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
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तुरंत की जाए पुख्ता व्यवस्था
भीषण गर्मी के दौरान मरीजों व परिजनों को पीने के पानी, शौचालय और परिसर में गंदगी समेत अवैध गतिविधियों को सामना करना पड़ रहा है। इस ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस संबंध में लोगों ने तुरंत पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।
परिसर में सुरक्षा का अभाव
शिवसेना वदनीय बालासाहब ठाकरे वैद्यकीय सहायता कक्ष के पदाधिकारियों ने बताया कि मेडिकल के सुलभ शौचालय परिसर में कुछ बाहरी व्यक्ति खुलेआम गाजा पीते हुए देखे जा सकते हैं।
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इससे अस्पताल व परिसर में सुरक्षा का अभाव स्पष्ट होता है। सिक्योरिटी गार्ड का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। साथ ही कई जगह मरीज की बजाय परिजनों को बेड पर सोए हुए देखने को मिलता है।
वहीं मरीज बाहर घूमते हुए नजर आते हैं। यहां की प्याऊ की हालत तो इतनी खराब है कि एक साइकिल रिक्शा चालक ने वहीं अपना घर बना लिया है।
