नागपुर: लता मंगेशकर हॉस्पिटल में दुर्लभ गर्भरोग का सफल उपचार, दो महिलाओं का जीवन बचाया
नागपुर के लता मंगेशकर हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने दो युवा महिलाओं का सफल कैंसर उपचार किया। जानें कैसे उनकी मेहनत ने जीवन बचाया।
Nagpur Hospital News: नागपुर, कार्यालय प्रतिनिधि। एनकेपी साल्वे मेडिकल कॉलेज एवं लता मंगेशकर हॉस्पिटल, हिंगना रोड, नागपुर के प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग ने इनवेसिव मोल और कोरियोकार्सिनोमा जैसे दुर्लभ व गंभीर रोगों से पीड़ित दो युवा महिलाओं का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन दिया।
मोलर प्रेग्नेंसी में गर्भाशय में भ्रूण विकसित होने के बजाय अंगूर के गुच्छे जैसी असामान्य ऊतकों की वृद्धि होने लगती है। समय पर उचित उपचार न मिलने पर यह स्थिति गर्भाशय की दीवार में गहराई तक प्रवेश कर इनवेसिव मोल का रूप ले सकती है।
कुछ मामलों में गर्भाशय में छेद होकर पेट में अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। यदि उपचार अधूरा रह जाए तो यह रोग आगे चलकर कोरियोकार्सिनोमा कैंसर में परिवर्तित होकर शरीर के अन्य अंगों तक फैल सकता है।
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दोनों मरीजों का पहले अन्य स्थानों पर मोलर प्रेग्नेंसी का निदान हुआ था और उनका सक्शन इवैक्यूएशन ऑपरेशन किया गया था। हालांकि उसके बाद आवश्यक नियमित फॉलोअप नहीं होने से बीमारी पर ध्यान नहीं दिया गया।
कुछ महीनों बाद तकलीफ बढ़ने पर दोनों महिलाओं को आगे की जांच और उपचार के लिए लता मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग ने जांच के बाद एक मरीज में इनवेसिव मोल और दूसरी में कोरियोकार्सिनोमा का सटीक निदान किया।
दोनों महिलाओं में 6 महीने पहले हुई गर्भावस्था मोलर प्रेग्नेंसी होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने समय पर उपचार और कीमोथेरेपी के माध्यम से सफल उपचार कर दोनों मरीजों की जान बचाई।
उपचार करने वाली विशेषज्ञ टीम में डॉ. अनुजा भालेराव, डॉ. सविता सोमलवार, डॉ. रोहिणी भोयर, डॉ. प्राजक्ता जुनेवार, डॉ. नीतू मेश्राम वाल्दे, डॉ. अश्विनी चंदनखेड़े, ऑन्को फिजिशियन डॉ. आशीष वैद्य और रेडियोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. काजल मित्रा शामिल थे।
इस कार्य में अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा, उप अधिष्ठाता डॉ. विलास ठोंबरे तथा उप अधिष्ठाता व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नितिन देवस्थले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
संस्थान के उपाध्यक्ष विधायक आशीष देशमुख ने इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम की सराहना की।
