

Khasdar Sanskritik Mahotsav: ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के मैदान पर चल रहे ‘खासदार सांस्कृतिक महोत्सव-2025’ के 7वें दिन गुरुवार शाम को संस्कार भारती नागपुर के कलाकारों ने एक भव्य कार्यक्रम ‘मिट्टी के रंग : भारत की लोकसंस्कृति की संगीत नृत्यमय गाथा’ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की परंपराओं, लोककलाओं और राष्ट्रीय सांस्कृतिक वैभव को उजागर किया गया।
शानदार कला प्रदर्शन में 1,000 से अधिक गायकों, वादकों और नर्तकों ने भाग लिया। इस दौरान मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम की शुरुआत संस्कार भारती के ध्येय गीत से हुई। इसके बाद दर्शकों के सामने एक-एक करके विभिन्न राज्यों की लोककलाओं के रंग खुलते गए।
इस भव्य प्रस्तुति का संयोजन गजानन रानडे, अमर कुलकर्णी और आनंद मास्टे ने किया, जबकि सह-संयोजक के रूप में अवंती काटे, श्रीकांत धबडगावकर और कुणाल आनंदम ने जिम्मेदारी संभाली। मोरेश्वर दशसहस्त्र और अथर्व शेष ने संगीत दिया। आशुतोष अडोणी ने संहिता लेखन किया और श्रद्धा भारद्वाज तथा सनी प्रसाद ने सफलतापूर्वक मंच संचालन किया। सुनील हमदापूरे के नेपथ्य (सेट डिजाइन) ने कार्यक्रम को एक अनूठी दृश्य कला प्रदान की। संदीप बारस्कर ने ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री और खासदार सांस्कृतिक महोत्सव के प्रणेता नितिन गडकरी, राजस्व मंत्री और पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, संस्कार भारती विदर्भ प्रांत अध्यक्ष कांचनताई गडकरी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलन कर पारंपरिक तरीके से की। इससे पहले गजवक्र ढोल ताशा पथक के वादन ने वातावरण को तैयार किया। संचालन बाल कुलकर्णी और रेणुका देशकर ने किया।
खासदार सांस्कृतिक महोत्सव समिति की ओर से इस वर्ष शारदोत्सव में एक लाख से अधिक महिलाओं के हाथों पर मेहंदी लगाई गई। इससे 6,000 महिलाओं को रोजगार मिला है। नितिन गडकरी ने यह खुशखबरी दी कि इस भारतीय परंपरा को यूएनओ की मान्यता मिल गई है। उन्होंने यह भी कहा कि खासदार सांस्कृतिक महोत्सव सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने वाला महोत्सव है और संस्कार भारती द्वारा प्रस्तुत ‘मिट्टी के रंग’ कार्यक्रम एकता और एकात्मता का संदेश देता है।