

Nagpur Heatwave News: नागपुर ऑरेंज सिटी इस समय भयंकर गर्मी और बिजली विभाग की लापरवाही की दोहरी मार झेल रही है। पिछले कुछ दिनों से शहर का तापमान 44 डिग्री के पार जा चुका है। इस झुलसाती गर्मी में बार-बार हो रही बिजली कटौती ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में दिन भर में कई बार होने वाली ट्रिपिंग को जनता 'अघोषित लोड शेडिंग' करार दे रही है।
बेसा-पिपला निवासी पांडुरंग काटकर सहित कई नागरिकों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली गुल होना अत्याचार के समान है।
नागरिकों का आरोप है कि आधिकारिक माध्यमों से शिकायत करने के बावजूद त्वरित समाधान नहीं मिलता, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कर्मचारियों को सीधा फोन न करें बढ़ती शिकायतों के बीच महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने एक अजीबोगरीब अपील जारी की है।
विभाग ने नागरिकों से कहा है कि वे मरम्मत कार्य में लगे लाइनमैन या स्थानीय स्टाफ को सीधे फोन न करें। महावितरण का तर्क है कि काम के दौरान फोन आने से कर्मचारियों की एकाग्रता भंग होती है, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। नागरिकों को बिजली कटने के 10 मिनट बाद ही आधिकारिक पोर्टल या एप पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, विभाग के अनुसार आधिकारिक शिकायत मिलने पर ही डेटा का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
इस साल नागपुर में बिजली की मांग ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वर्तमान में शहर की खपत 780 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में एक महीने पहले ही अपने चरम पर है।
महावितरण ने स्वीकार किया कि अत्यधिक लोड के कारण अंडरग्राउंड केबल जल रहे हैं और ट्रांसफार्मर पर दबाव बढ़ गया है। लोड शिफ्टिंग और तकनीकी खराबी को दूर करने के नाम पर 'शॉर्ट टर्म' कटौती की जा रही है।