नागपुर में गर्मी से राहत की योजना अटकी, हीटवेव में नागरिक बेहाल; ग्रीन नेट का इंतजार

Nagpur Heatwave Issue: नागपुर में भीषण गर्मी के बीच चौराहों पर ग्रीन नेट लगाने की योजना अटकी। अप्रैल आधा बीतने के बाद 65 लाख का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन राहत अब भी दूर है।
Heat Relief Plan Stalled in Nagpur; Citizens Suffer Amidst Heatwave, Awaiting Green Nets
ग्रीन नेट योजना( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nagpur Green Net Project: नागपुर शहर में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से नागरिकों का बुरा हाल है, लेकिन चौराहों पर धूप से राहत दिलाने के लिए 'ग्रीन नेट' लगाने का महानगर पालिका का फैसला अब तक कागजी कार्यवाही में ही अटका हुआ है।

अप्रैल का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन इस योजना को अब तक कोई गति नहीं मिल पायी है और अब जाकर 65 लाख रुपये का प्रस्ताव स्थायी समिति के पास भेजा गया है।

प्रक्रिया में हो रही देरी से उठ रहे सवाल

इस 65 लाख रुपये के प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और फिर असल काम जमीन पर उतरेगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि कहीं 'ग्रीन नेट' लगने का काम पूरा होते-होते गर्मी का मौसम खत्म और बारिश का मौसम शुरू न हो जाए।

सभी चौराहों पर नहीं मिलेगी सुविधा

प्रशासनिक देरी के साथ-साथ इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इस योजना में शहर के सभी चौराहों को शामिल न करके केवल कुछ प्रमुख चौराहों का ही चयन किया गया है। जब पूरा शहर गर्मी की मार झेल रहा है, तो केवल सीमित चौराहों पर यह सुविधा क्यों दी जा रही है? प्रस्ताव तैयार करने में प्रशासन की ओर से हुई लेटलतीफी की कड़ी आलोचना हो रही है और मांग की जा रही है कि मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर इस मामले को तुरंत सुलझाएं।

समय पर क्यों नहीं लगी नेट

आधा गर्मी का मौसम बीत जाने के बाद सत्ताधारी इस पर फैसला ले रहे हैं। जब इतना भारी खर्च करके 'ग्रीन नेट' लगाया ही जा रहा है, तो इसे समय पर क्यों नहीं लगाया गया? अब तक स्थायी समिति की वाई बैठकें हो चुकी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। अब मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया में 10-12 दिन और लग जाएंगे।

-नेता प्रतिपक्ष, संजय महाकालकर

शार्ट टेंडर निकालने की तैयारी

वर्तमान में यह प्रस्ताव 65 लाख रुपये का है और इसमें सीमित चौराहों को ही शामिल किया गया है। हमारी मांग है कि चौराहों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके लिए भले ही राशि और बढ़ जाए, लेकिन ज्यादा से ज्यादा चौराहों को 'ग्रीन नेट' से कवर किया जाना चाहिए, महापौर और उपमहापौर सहित हम सभी का यही कहना है और इसके लिए हम 'शॉर्ट टेंडर' निकालने की तैयारी में भी है।

-नेता सत्तापक्ष, बाल्या बोरकर

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