

नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बुधवार शाम प्रचार समाप्त।
शुक्रवार को मतदान; निर्वाचन क्षेत्र छह जिलों में फैला है।
कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले के बीच मुख्य मुकाबला।
कुल 38 उम्मीदवार मैदान में होने की जानकारी।
भाजपा का फोकस शहरी क्षेत्रों पर, जबकि कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क पर जोर दे रही है।
Nagpur Graduate Constituency MLC Election Voting Polling Managers: विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बुधवार शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। शुक्रवार को मतदान होगा। छह जिलों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है।
नागपुर, विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार बुधवार शाम समाप्त हो गया। शुक्रवार को मतदान होना है। छह जिलों में फैले इस बड़े निर्वाचन क्षेत्र में अंतिम चरण के दौरान कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के ‘पोल मैनेजर्स’ सक्रिय रहे। अब दोनों दलों का जोर मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने और उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की रणनीति पर है।
पिछले चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद इस बार भाजपा सीट वापस हासिल करने की कोशिश में है। वहीं, कांग्रेस अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद लगाए हुए है। इसी वजह से मुकाबले को कड़ा माना जा रहा है।
पिछले चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ उन्होंने जनसंघ और भाजपा के लगभग 58 वर्षों से चले आ रहे वर्चस्व को समाप्त कर दिया था। इस बार भाजपा के सुधाकर कोहले मैदान में हैं और मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है।
निर्वाचन क्षेत्र में कुल 38 उम्मीदवार होने की जानकारी है। शिक्षक भारती के अतुल देशमुख और बसपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे संजय थुल सहित अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इनके प्रदर्शन से चुनावी समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा ने चुनाव के लिए प्रभारी, सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं की टीम तैनात की है। पार्टी के पोल मैनेजर्स मतदान से पहले मतदाताओं से संपर्क और उन्हें बूथ तक लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा का मुख्य फोकस नागपुर शहर और अन्य शहरी क्षेत्रों पर बताया जा रहा है।
चुनाव के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बैठकें कीं, विभिन्न वर्गों से संवाद किया और जनसभाओं को संबोधित किया। महायुति के समन्वयक सुधीर मुनगंटीवार, चुनाव प्रभारी एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और चुनाव प्रमुख विधायक प्रवीण दटके भी अपनी टीमों के साथ सक्रिय रहे।
कांग्रेस के नेता भी चुनाव के अंतिम चरण में समन्वय के साथ काम करते नजर आए। पार्टी ने बड़े प्रचार कार्यक्रमों की तुलना में मतदाताओं से सीधे संपर्क पर अधिक जोर दिया। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क किया।
पार्टी का ध्यान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित बताया जा रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि पिछले चुनाव में मिला समर्थन इस बार भी उसके पक्ष में रहेगा।
प्रचार समाप्त होने के बाद दोनों प्रमुख दलों की रणनीति मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर केंद्रित है। छह जिलों में फैले निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत और विभिन्न उम्मीदवारों को मिलने वाला समर्थन परिणाम पर असर डाल सकता है। अब चुनावी मुकाबले का फैसला शुक्रवार को होने वाले मतदान और मतगणना के बाद स्पष्ट होगा।