वर्धा जिले के करंजी (काजी) गांव की घटना।
53 वर्षीय किसान विकास मेश्राम तिमांडे की मौत।
फसल नहीं होने और सूखे से आर्थिक परेशानी बढ़ने की जानकारी।
खेती के कर्ज, बच्चों की पढ़ाई और पत्नी की बीमारी को लेकर चिंतित थे।
सेवाग्राम अस्पताल में उपचार के दौरान मौत।
Wardha Farmer Suicide Crop Failure Debt Sevagram Hospital: वर्धा जिले के करंजी (काजी) गांव में 53 वर्षीय किसान विकास मेश्राम तिमांडे की जहरीला पदार्थ निगलने के बाद मौत हो गई। बताया गया है कि फसल नहीं होने, खेती के कर्ज और परिवार के खर्चों को लेकर वह परेशान थे। सेवाग्राम अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
वर्धा, फसल नहीं होने और आर्थिक तंगी के बीच वर्धा जिले के करंजी (काजी) गांव के 53 वर्षीय किसान विकास मेश्राम तिमांडे की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, उन्होंने मंगलवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उन्हें उपचार के लिए सेवाग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकास तिमांडे ने खेती के लिए कर्ज लिया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से फसल नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही थी। इस वर्ष सूखे की स्थिति ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी।
खेती से अपेक्षित आमदनी नहीं होने के बीच बच्चों की पढ़ाई का खर्च और पत्नी की बीमारी से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उनके सामने थीं। बताया जाता है कि इन परिस्थितियों के चलते वह परेशान थे।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात जहरीला पदार्थ निगलने के बाद परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत को देखते हुए सेवाग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना से गांव में शोक का माहौल है। किसान परिवारों पर फसल की अनिश्चितता, कर्ज और घरेलू खर्चों का दबाव एक बार फिर चर्चा में है।