

NMC Fire Department Action Against Hospitals: अमरावती में बच्चों के अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र में अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। नागपुर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग ने भी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल तेज कर दी है। विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी उचके के अनुसार, अब तक 205 अस्पतालों के खिलाफ फायर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रशासन की ओर से अस्पतालों की नियमित जांच किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसी जांच प्रक्रिया में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और नियमों के पालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में कुल 484 अस्पतालों को चिह्नित किया गया है, जहां फायर एक्ट के तहत अग्नि सुरक्षा उपकरण और निर्धारित सुरक्षा इंतजाम करना अनिवार्य है।
जांच के आंकड़ों के मुताबिक 484 अस्पतालों में से 327 अस्पतालों ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया है। यह मरीजों और अस्पताल प्रशासन के लिए राहत की बात है। हालांकि, सभी अस्पतालों में स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।
रिपोर्ट में 33 अस्पताल ऐसे पाए गए हैं, जहां अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मौजूद तो हैं, लेकिन वे अपर्याप्त हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति में मरीजों, खासकर गंभीर हालत में भर्ती लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। अस्पतालों में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और समय पर बचाव के लिए पर्याप्त उपकरण और व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, 205 अस्पतालों पर फायर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
इसके अलावा बिना आवश्यक मंजूरी के भवन का अवैध उपयोग करने वाले अस्पताल भी जांच के दायरे में हैं। ऐसे 94 मामलों में संबंधित जोन या टाउन प्लानिंग विभाग को पत्र जारी किए गए हैं। प्रशासन अब इन मामलों में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया पर नजर रख रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, नागपुर शहर में फिलहाल 93 अस्पताल निर्माणाधीन हैं, जबकि सुरक्षा मानकों और अन्य कारणों के चलते 3 अस्पतालों को बंद किया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन की निगरानी जारी है।
हालांकि बड़ी संख्या में अस्पतालों द्वारा नियमों का पालन किया जाना सकारात्मक संकेत है, लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था वाले और बिना मंजूरी के संचालित मामलों में आगे भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी होगी। मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से आने वाले दिनों में अग्निशमन विभाग की जांच और कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी।