नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: एक्शन मोड में CM फडणवीस, जांच के आदेश और मृतकों के परिजनों को 5 लाख की मदद
CM Action On Nagpur Factory Explosion: नागपुर विस्फोटक कारखाने में धमाके से 17 की मौत। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उच्च स्तरीय जांच और 5 लाख रुपये मुआवजे के आदेश दिए हैं।
- Written By: अनिल सिंह
CM Action On Nagpur Factory Explosion (फोटो क्रेडिट-X)
SBL Nagpur Blast: नागपुर जिले के कटोल तालुका स्थित राउलगांव में रविवार सुबह एक विस्फोटक कारखाने में हुए भीषण धमाके ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। इस भयावह हादसे में अब तक 17 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। धमाका इतना जोरदार था कि कारखाने का ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तत्काल सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने राहत कार्य के साथ-साथ कड़े जांच आदेश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने नागपुर ब्लास्ट दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को युद्ध स्तर पर बचाव कार्य चलाने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मृतकों के परिजनों को 5 लाख की सहायता और मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से 2 लाख रुपये और संबंधित कंपनी द्वारा भी अलग से मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नागपुर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि सभी 18 घायलों का नागपुर के सरकारी अस्पताल में निःशुल्क और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इलाज का पूरा खर्च राज्य प्रशासन वहन करेगा।
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PESO और DISH की टीमें जांच में जुटीं
विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) के तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं। यह टीमें इस बात की जांच करेंगी कि क्या कारखाने में रसायनों का भंडारण तय सीमा से अधिक था या मशीनरी में कोई तकनीकी खराबी थी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी मलबे में दबे अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी हैं।
लापरवाही पाए जाने पर होगी कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान यदि कंपनी प्रबंधन या किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फडणवीस ने ट्वीट कर कहा, “राउलगांव की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस दुख की घड़ी में परिवारों के साथ हैं, लेकिन इस हादसे के कारणों की तह तक जाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।” राज्य सरकार अब महाराष्ट्र के सभी विस्फोटक कारखानों के ‘सेफ्टी ऑडिट’ की योजना बना रही है।
