

दिवाली नजदीक आते ही नागपुर के बाजारों में मिठाइयों की खरीदारी तेज।
धंतोली, सीताबर्डी, धरमपेठ और इतवारी समेत प्रमुख बाजारों में भीड़।
शुगर-फ्री मिठाइयों, फ्यूजन स्वीट्स और ड्राई फ्रूट गिफ्ट पैक का बढ़ा आकर्षण।
FDA ने मिलावट रोकने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान शुरू किया।
Nagpur Sweets Shops Diwali: नागपुर में प्रकाश, उत्साह और उमंग के पर्व दिवाली पर संतरानगरी के बाजारों में इस वक्त एक अलग ही रौनक छायी हुई है। दिवाली का मतलब सिर्फ दीयों की जगमगाहट नहीं बल्कि एक दूसरे का मुंह मीठा कर रिश्तों में मिठास घोलना भी है।
इस बार भी शहर के बाजारों में खरीदारी का उत्साह दिखने लगा है। दिवाली पर मिठाई का कारोबार बेहद बड़े पैमाने पर होता है। दिवाली करीब आते ही मिठाइयों की मांग भी बढ़ गई है। लोग अपने करीबियों, रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के लिए मिठाई के बॉक्स खरीदने लगे हैं।
ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों में मिठाइयों के लिए लोगों की कतार लग रही है। दिवाली के करीब आते ही अपनों को बधाई देने के पारंपरिक तरीकों में मिठाई के डिब्बों का आदान-प्रदान सबसे खास माना जाता है।
धंतोली, सीताबडी, धरमपेठ, इतवारी, सदर, महल, कमाल चौक, जरीपटका, लक्ष्मीनगर जैसे प्रमुख बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की जबर्दस्त भीड़ देखने को मिल रही है।
लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के घरों तक शुभकामनाओं के साथ मुंह मीठा कराने के लिए खास तौर पर मिठाइयों के पैकेट भेज रहे हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर पारिवारिक आयोजनों तक, हर कोई अपने खास लोगों को बेहतरीन मिठाई के गिफ्ट पैक और ड्राई फ्रूट्स के डिब्बे भेंट कर रहा है।
इस बार मिठास के कारोबार में एक और बड़ा बदल्याव देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा की जा रही लगातार सतर्कता के बीच ग्राहक शुद्धता को लेकर बेहद जागरूक नजर आ रहे हैं।
लीग सस्ते और मिलावटी सामान के बजाय ब्रांडेड आउटलेट्स, प्रतिष्ठित हलवाइयों और पारंपरिक कारीगरी की दुकानों से प्रीमियम क्वालिटी की मिठाइयों की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे है। मावे की शुद्धता की जांच और पैवड आइटम्मा की एक्सपायरी डेट को परखकर ही डिबी पैक करवाए जा रहे हैं।
नागपुर के हलवाई इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों की पसंद का खास ख्याल रख रहे हैं।
हालांकि पारंपरिक मिठाइयों जैसे काजू कतली, मोतीचूर के लहू मिल्क वेक और गुलाब जामुन की मांग हमेशा की तरह सबसे ऊपर है लेकिन इस बार बाजार में फ्यूजन स्वीट्स' और 'शुगर फ्री' मिठाइयों का क्रेज भी चरम पर है।
अंजीर कतली, बदाम बास्केट और बॉकलेट कलेवर वाली आधुनिक मिठाइयों के साथ-साथ कस्टमाइज्ड सिस्ट हैपर्स की माग ने कारोबार को एक नया अधाम दे दिया है।
कारीगरों का कहना है कि इस बार एडवांस बुकिंग और बोक ऑर्डर्स की वजह से दिन-रात मिठाइयां तैवार करनी पड़ रही है।
विशती के पर्व पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, इसका फायदा उठाकर कजार में मिलावटखोरी की संभावना भी रहती है। नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिले, इसके लिए नियमित रूप से एफडीए द्वारा जांब की जा रही है। दिवाली पर विशेष जांच अभियान शुरू है। इसके तहत खाद्य प्रतिष्ठानों में रोजाना निरीक्षण के लिए टीम पहुंच रही है।
कृष्णा जयपुरकर, सहआयुक एफडीए, नागपुर