चंद्रपुर जिले में सुरक्षित मातृत्व का रिकॉर्ड, 20,974 प्रसव, एक भी घरेलू डिलीवरी नहीं

Health Department: चंद्रपुर जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 20,974 प्रसव हुए और घरेलू प्रसव का आंकड़ा शून्य रहा। स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और सरकारी योजनाओं के संयुक्त प्रयासों का असर दिखा।
Chandrapur Safe Motherhood Delivery
जनजागरूकता मुहिम फोटो सोर्स- नवभारत
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Chandrapur Safe Motherhood Delivery: चंद्रपुर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में आज भी घरेलू प्रसव के मामले सामने आते हैं, लेकिन शासन की विभिन्न जनजागरूकता मुहिम, स्वास्थ्य सुविधाओं और मातृत्व से जुड़ी योजनाओं के चलते महिलाओं का रुझान अब सुरक्षित संस्थागत प्रसव की ओर बढ़ा है।

चंद्रपुर जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 20,974 महिलाओं का प्रसव हुआ। खास बात यह है कि इस अवधि में घरेलू प्रसव का आंकड़ा शून्य रहा। स्वास्थ्य विभाग की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पहले दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं विभिन्न कारणों से घर पर ही प्रसव को प्राथमिकता देती थीं।

माता एवं शिशु स्वास्थ्य

हालांकि, प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, माता एवं शिशु के स्वास्थ्य पर मंडराते खतरे तथा समय पर चिकित्सा उपचार नहीं मिलने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संस्थागत प्रसव को लेकर लगातार जनजागरूकता की गई।

गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं

आशा स्वयंसेविकाओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच,प्रसवपूर्व देखभाल और अस्पताल में प्रसव के महत्व की जानकारी दी गई।

चंद्रपुर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता तथा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भी अनेक महिलाओं के लिए सहारा साबित हो रही है। विशेषकर आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

गर्भवती महिला की समय-समय पर जानकारी लेना, जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक लाना, प्रसव की संभावित तारीख के अनुसार नियोजन करना और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराने में मदद करना, इन प्रयासों से घरेलू प्रसव रोकने में सहायता मिली है।

योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव

गर्भावस्था का पंजीयन, प्रसवपूर्व जांच और संस्थागत प्रसव के प्रति महिलाओं का रुझान बढ़ाने में इन योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए गर्भावस्था के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं लेना आसान हुआ है।

चंद्रपुर जिले के ग्रामीण अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, आवश्यकता पड़ने पर संदर्भ सेवा तथा प्रसव के बाद मां एवं नवजात शिशु की देखभाल से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिला है।

Chandrapur Safe Motherhood Delivery
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समन्वित प्रयासों से मिली सफलता चंद्रपुर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत जिले में घरेलू प्रसव का आकड़ा शून्य पर लाना स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती थी। हालांकि, स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से इसमें सफलता मिलती दिखाई दे रही है। वर्ष 2025-26 में 20,974 प्रसव और घरेलू प्रसव का आंकड़ा शून्य - रहना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है। प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन, नियमित जांच और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए - जनजागरूकता को और प्रभावी बनाना आवश्यक -है। -

डॉ.लक्षदीप पारेकर, अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चंद्रपुर

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