नागपुर जिला अस्पताल: 300 बेड क्षमता के साथ जल्द शुरू होगा विदर्भ का पहला बहु-पैथी सेंटर
Nagpur District Hospital: नागपुर जिला अस्पताल में जल्द एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, होमियोपैथी व सिद्धा की सुविधा मिलेगी। अस्पताल 300 बेड क्षमता के साथ विदर्भ का पहला इंटीग्रेटेड जिला अस्पताल बनेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर जिला अस्पताल,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Multi Specialty Hospital: नागपुर शासकीय अस्पतालों में मरीजों की पसंद जैसा कोई विकल्प ही नहीं होता। जिस पैथी का अस्पताल उसी पैथी से इलाज होता है लेकिन जिला अस्पताल में जल्द ही मरीजों के लिए विकल्प तैयार होंगे। यहां केवल एलोपैथी की ही नहीं बल्कि आयुर्वेद, यूनानी, होमियोपैथ और सिद्धा में भी इलाज होगा।
इसके साथ ही अस्पताल की क्षमता भी 300 तक पहुंच जाएगी। एक ही परिसर में सभी तरह की सुविधाओं वाला जिला अस्पताल राज्य का चौथा और विदर्भ का पहला अस्पताल बन जाएगा। फिलहाल जिला अस्पताल में एलोपैथी का 100 बेड का अस्पताल और 40 बेड का नेत्र विभाग कार्यरत है। 50 बेड का आयुष अस्पताल भी बन रहा है।
इसमें आयुर्वेद, यूनानी, होमियोपैथी और सिद्धा से इलाज हो सकेगा। यानी मरीजों के सामने इलाज का विकल्प खुला होगा। एक परिसर में सभी विभागों की इमारतों का निर्माण कार्य चल रहा है। यह कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है।
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साथ ही जिस पैथी का विभाग होगा, उसी पैथी के डॉक्टर भी उपलब्ध होंगे। एलोपैथी के अलावा अन्य पैथी पर भरोसा करने वाले भी अनेक लोग हैं। जिला अस्पताल में शुरुआत से लेकर अब तक यानी एक वर्ष के भीतर करीब 1.75 लाख मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया है।
क्रिटिकल ब्लॉक भी जल्द ही सेवा में
मानकापुरा स्थित जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बन रहा है। इमारत का कार्य तेज गति से जारी है। यहां विविध तरह की दुर्घटना सहित गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इन गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन खरीदी को भी प्रशासकीय मंजूरी मिल गई है।
मशीनों को लगाने के लिए जगह निश्चित की जा रही है। इसके बाद अस्पताल परिसर के भीतर ही सभी तरह की टेस्ट की सुविधा उपलब्ध हो सकेंगी। यानी गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं होगी।
कम समय में अधिकाधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में नागपुर जिला अस्पताल सतत रूप से प्रयासरत है। नये बेड के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल की क्षमता 500 बेड की हो जाएगी। साथ ही एक ही जगह सभी पैथी का इलाज करने वाला विदर्भ का एकमात्र जिला अस्पताल बन जाएगा। अस्पताल से शहरी और ग्रामीण मरीजों को राहत मिली है।
-जिला शल्यचिकित्सक, डॉ. निवृत्ति राठौड़
जिला शल्यचिकित्सक के मार्गदर्शन में कम समय में अस्पताल ने उपलब्धि हासिल की है। नेत्र विभाग में हर दिन मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं, अब आयुष अस्पताल और क्रिटिकल अस्पताल के शुरू होने से मरीजों के सामने इलाज के विकल्प खुल जाएंगे। शहर सहित जिले की बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से अस्पताल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
– अतिरिक्त जिला शल्यचिकित्सक, डॉ. नितिन गुल्हाणे
1300 तक पहुंची ओपीडी
जिला अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी 1300 तक पहुंच गई है। यह एक तरह की उपलब्धि ही मानी जा रही है। वहीं आईपीडी में हर दिन 40 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके साथ ही आधुनिक ऑपरेशन थियेटर बनने से आथर्थोपेडिक, गायनिक और सर्जरी विभाग द्वारा ऑपरेशन भी किये जा रहे हैं।
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नागपुर शहर, जिले के साथ ही बाहर के भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। वर्तमान में 140 बेड उपलब्ध है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने के बाद यह संख्या 290 तक पहुंच जाएगी जबकि जिला शल्यचिकित्सक द्वारा अतिरिक्त बेड का प्रस्ताव सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है। इसके बाद अस्पताल की कुल क्षमता 500 बेड की हो जाएगी।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से दिनेश टेकाड़े की रिपोर्ट
