

Nagpur Highway Encroachment Removal: नागपुर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यातायात के लिए महामार्गों के किनारे के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद जिला प्रशासन ने कदम उठाया है और शुक्रवार तक इसके लिए 'जिला महामार्ग सुरक्षा कृति दल' (टास्क फोर्स) का गठन किया जाएगा।
यह जानकारी जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने दी। इस कृति समिति के माध्यम से जिले के सभी महामार्गों के किनारे के व्यावसायिक निर्माणों का निरीक्षण किया जाएगा और उसके बाद 2 महीने के भीतर अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
जिले में हर महीने 40 से 45 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो जाती है। यानी औसतन हर दिन 1 से 2 मौतें होती हैं। कामठी, सावनेर, भिवापुर, हिंगना, काटोल, नरखेड़ इन तहसीलों में दुर्घटनाओं और दुर्घटना में होने वाली मौतों का प्रमाण अधिक है। इसके साथ ही नागपुर शहर की सीमा से गुजरने वाले महामार्गों पर भी दुर्घटनाओं का प्रमाण दिन-प्रति दिन बढ़ रहा है। इसके लिए सड़क किनारे की अनधिकृत दुकानें, होटल, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक निर्माण प्रमुख कारण हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए इस बारे में कड़े उपाय करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसी कृति समिति केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे राज्य में इसका गठन किया जाएगा। इसके बाद पूरे राज्य में महामार्गों के किनारे के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। यह जानकारी जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने दी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस कृति समिति में सदस्य सचिव के रूप में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर होंगे। इसके अलावा पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, मनपा आयुक्त, जेडपी के सीईओ, आरटीओ, नगर रचना सहायक संचालक, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधीक्षण अभियंता शामिल होंगे। इसके साथ ही सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य रहेंगे। यह कृति दल जिले के सभी महामार्गों का संयुक्त निरीक्षण दौरा कर अतिक्रमण की सूची तैयार करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नए मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार अब तक शहर की सीमा से गुजरने वाले महामार्ग के किनारे 6 मीटर जगह छोड़ने का सार्वजनिक बांधकाम विभाग का नियम था। सुप्रीम कोर्ट ने इसमें सुधार करते हुए सड़क जितने मीटर की है, उतनी जगह दोनों तरफ से खाली रखने का मानदंड तय किया है। इसके अनुसार 30 से 90 मीटर तक 4 और 6 लेन के लिए, महामार्ग के लिए 45 से 60 मीटर, जबकि ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए 70 से 90 मीटर की दूरी अनिवार्य कर दी गई है।
इस संबंध में हुई बैठक में सभी संबंधितों को आदेश दिए गए हैं। एनएचएआई की सीमा के भीतर आने वाले अनधिकृत निर्माणों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अदालत के आदेशानुसार नए मानदंडों के दायरे में आने वाले सभी निर्माण धारकों को नोटिस देकर 60 दिन यानी 2 महीने के भीतर अपने निर्माण खुद हटाने को कहा जाएगा। अन्यथा प्रशासन द्वारा उन्हें गिरा दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महामार्गों के पास मौजूद अनधिकृत निर्माणों के कारण ऐसा हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मानदंड निर्धारित किए हैं। उसी के अनुसार पूरे राज्य में यह उपाययोजना की जाएगी, जिले में भी इसकी सख्ती से कार्यान्वयन किया जाएगा।
- नागपुर जिलाधिकारी, कुमार आशीर्वाद