HSC रिजल्ट के दिन बड़ा खुलासा: नागपुर विभाग में 243 छात्र सामूहिक नकल में फेल, दो केंद्रों पर धांधली उजागर

Nagpur HSC Cheating Case: नागपुर HSC में सामूहिक नकल का बड़ा खुलासा। वर्धा-गोंदिया के 243 छात्रों को जांच में दोषी पाए जाने पर सीधे फेल घोषित किया गया, परिणाम के दिन मचा हड़कंप।
Major Revelation on HSC Results Day: 243 Students in Nagpur Division Fail Due to Mass Cheating; Irregularities Exposed at Two Centers
नागपुर नकल मामला, HSC घोटाला,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Board Exam Malpractice: 12वीं बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल करने का बड़ा मामला परिणाम की घोषणा के दिन सामने आया। नागपुर विभाग में 243 छात्रों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सीधे अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। यह कार्रवाई परिणाम घोषित होने के साथ ही सार्वजनिक की गई, जिससे खलबली मच गई है।

यह पूरा मामला उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के दौरान उजागर हुआ। वर्धा और गोंदिया जिले के दो परीक्षा केंद्रों में बड़े पैमाने पर सामूहिक नकल होने की पुष्टि हुई, नागपुर विभागीय बोर्ड के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने बताया कि बायोलॉजी विषय की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में पाया गया कि गोंदिया जिले के माऊली आर्ट एंड साइंस जूनियर कॉलेज के 125 छात्रों, वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील के वाशी स्थित जेडी चौधरी जूनियर कॉलेज के 118 छात्रों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं में एक जैसे उत्तर लिखे थे। जांच में सामूहिक नकल साबित होने पर सभी 243 छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच रोक दी गई और उन्हें फेल घोषित कर दिया गया।

अन्य मामलों में भी कार्रवाई

सामूहिक नकल के अलावा नागपुर विभाग में 39 अन्य छात्रों पर भी विभिन्न नकल प्रकरणों में कार्रवाई की गई। इन छात्रों को संबंधित विषयों में फेल घोषित कर दिया गया। इसके अलावा सेंट उर्सुला स्कूल परीक्षा केंद्र नागपुर पर भौतिकशास्त्र के पेपर में मोबाइल के जरिए नकल करने वाली एक छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इस तार नागपुर की एक स्कूल और भंडारा के कोचिंग क्लास तक जुड़े पाए गए, जिसमें कई गिरफ्तारिया मामले के भी हुई। पटवे ने संकेत दिए है कि इस मामले में आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं उमरेड और गडचिरोली में भी नकल के मामलों में दो जत्रों के खिलाया एफआईआर दर्ज की गई है।

विभागीय जांच शुरू

इस गंभीर मामले में बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों संस्थानों के परीक्षा केंद्रों की मान्यता स्थायी रूप से रद कर दी है। साथ ही नकल में सहयोग करने वाले शिक्षकों और पर्यवेक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों और संस्थाओं पर भी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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