नागपुर हत्या मामला( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Murder Case: नागपुर कार्यालय प्रतिनिधि, वाड़ी थानांतर्गत वड़धामना परिसर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। 3 युवक लूट के इरादे से एक वृद्ध के घर में घुसे। विरोध करने पर गला घोटकर और तकिये से मुंह दबाकर अपंग वृद्ध की हत्या कर दी।
इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 हिरासत में हैं। मृतक कृष्णानगर, सुराबडों निवासी सहसराम बाजीराव केवट (60) बताए गए, आरोपियों में सुराबडीं निवासी विलास सुभाष चौधरी (27), जितेंद्र संतोष बगारे (25) और प्रवीण ढिल्लन चव्हाण (25) का समावेश है।
तीनों मजदूरी करते हैं। पुलिस ने सहसराम की बेटी रीमा हेमंत पटेल (22) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। वह सहसराम के घर के समीप ही रहती है।
पेंशन से बनवाने थे नातिन के कड़े सहसराम को गैंगरीन की बीमारी होने के कारण 4 वर्ष पहले उनका बायां पैर काटना पड़ा। तब से उन्हें हर वर्ष अप्रैल महीने में दिव्यांग पेंशन की राशि मिलती है। इस पर ही सहसराम अपना उदरनिर्वाह करते थे।
एक ही इलाके के रहवासी होने के कारण आरोपियों का सहसराम के घर में जाना आना था। सभी वहां बैठकर शराब पीते थे। रविवार की रात 9:30 बजे के दौरान रीमा अपनी बड़ी बहन सीमा, उसके पति और एक रिश्तेदार के साथ सहसराम के घर पर गए थे।
वहां छत पर लगी सीमेंट की शीट बदलने के बाद सभी वापस लौट गए, तब सहसराम ने बताया था कि उन्हें दिव्यांग पेंशन की रकम मिली है। इससे वो अपनी छोटी नातिन के लिए चांदी का कड़ा बनवाएंगे।
आरोपियों को भी जानकारी थी कि सहसराम को वार्षिक पेंशन की रकम मिली है। तीनों की नीयत खराब हो गई। रविवार रात 12 बजे के दौरान तीनों सहसराम के घर पर गए, वहां चारों ने शराब पी।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे रकम के बारे में जानकारी मांगी। विरोध करने पर आरोपियों ने सहसराम के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान 1 आरोपी ने गमछे से उनका गला घोटा और दूसरे ने तकिये से मुंह दवावा।
सहसराम ने मदद के लिए चीख-पुकार भी की। आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली रीमा की सहेली ने उसे तुरंत फोन किया। पिता के साथ घर के भीतर मारपीट होने की जानकारी दी।
रीमा ने घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को दी और वाडी पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने तत्काल विलास को गिरफ्तार कर लिया, सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया।
अदालत ने उसे 17 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं। सोमवार शाम को पुलिस ने प्रवीण और जितेंद्र को भी पकड़ लिया, लूट के इरादे से हत्या को अंजाम देना आरोपियों ने कबूला।
रीमा, सीमा और कुछ रिश्तेदार पिता के घर पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद था। काफी देर तक प्रतिसाद नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया, इसी दौरान विलास ने दरवाजा खोला।
पूछताछ करने पर वह ‘शराब पीने के लिए आया था’ कहकर भाग निकला, सभी भीतर गए ती सहसराम बेहोशी की हालत में पड़े था। सामान अस्त-व्यस्त था और जैच से रकम भी गायब थी।
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रीमा और सीमा किचन में गए तो फ्रिज के बगल में जितेंद्र और ओटे के नीचे प्रवीण छिपे दिखाई दिए। सभी ने दीनों को पकड़ लिया लेकिन वो भी झटका देकर भाग निकले।