नागपुर कहलाएगा बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, हाईटेक न्यू सिटी का तय फ्यूचर, सर्विस सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
Nagpur News: नागपुर में एनएमआरडीए ने शहर को हाईटेक न्यू सिटी बनाने की दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए है। इसका उद्देश्य शहर को स्टार्टअप, MSME, प्रौद्योगिकी फर्मों और अंतरराष्ट्रीय सेवा को स्थापित करना है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर हाई टेक सिटी (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Nagpur News: नागपुर में एनएमआरडीए ने हाईटेक न्यू सिटी के रूप में ‘नया नागपुर’ विकसित करने की दिशा में एक बड़ी पहल की है जिसका उद्देश्य शहर को स्टार्टअप, एमएसएमई, प्रौद्योगिकी फर्मों और अंतरराष्ट्रीय सेवा प्रदाताओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। प्रकल्प के अनुसार नये विकास की पहल में अत्याधुनिक अंडरग्राउंड नागरी सुविधाओं की एकीकृत सेवाओं की प्रणाली भी होगी।
एनएमआरडीए शहर की सीमा के बाहर भी करोड़ों की लागत वाली योजना को कार्यान्वित कर रहा है जो प्राधिकरण के अंतर्गत सबसे बड़ी परियोजना होने की उम्मीद है। यह हाईटेक शहर विकास ‘न्यू नागपुर’ पहल का हिस्सा होने की आशा है। माना जा रहा है कि इसे बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है जो पूरे मध्य भारत के लिए औद्योगिक केंद्र होगा।
स्मार्ट कॉरपोरेट सिटी बनेगी ऑरेंज सिटी
‘न्यू नागपुर’ परियोजना नागपुर को एक विश्व स्तरीय शैक्षणिक, औद्योगिक और चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य व्यापार और उद्योग के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, स्मार्ट यूटिलिटी समाधानों और ग्रीन वॉक-एंड-फ्लाई सुविधा के साथ एक नियोजित, हरित और स्मार्ट कॉरपोरेट शहर का निर्माण करना होगा।
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एनएमआरडीए द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार इसके लिए 692.06 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। माना जा रहा है कि सिटी में वीएनआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की उच्च शिक्षा के लगभग 275 से अधिक शैक्षणिक संस्थाएं हैं।
उन्नत सर्विस सेक्टर होगा
चूंकि नागपुर में वीएनआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी, एम्स, आईसीएएल, एनएलयू, जीएमसी जैसे संस्थान तो हैं किंतु रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई उच्च शिक्षित युवा वर्ग अन्य राज्यों में स्थानांतरित हो जाते हैं। इसे देखते हुए महानगर क्षेत्र में उद्योगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से उन्नत सर्विस सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा।
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उद्योग क्षेत्र का निर्माण, स्टार्टअप की नई दिशा, कॉरपोरेट ऑफिस तैयार करने के साथ ही कई तरह से विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह से चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। व्यावसायिक केंद्रों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास कर एक नियोजित ग्रीन और स्मार्ट कॉरपोरेट शहर का निर्माण करने की योजना है।
6,400 करोड़ की योजना
- यह परियोजना नागपुर जिले की हिंगना तहसील के मौजा घोप्ली (रिडी) और मौजा लाडगांव (रिडी) गांवों में विकसित की जाएगी।
- कुल क्षेत्रफल लगभग 692.06 हेक्टेयर है।
- इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का अनुमानित खर्च 3,000 करोड़ रुपये है।
- पहले चरण के विकास के लिए लगभग 3,400 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित है।
- कुल अनुमानित खर्च 6,400 करोड़ रुपये है।
- NBCC (India) Limited को इस परियोजना के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।
