भांडेवाड़ी आंदोलन नागपुर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Waste Management Scam: नागपुर भांडेवाड़ी स्थित जिग्मा एनवायरो सॉल्यूशन प्रा।लि। की तानाशाही के खिलाफ पिछले 2 दिनों से चल रहा काम बंद आंदोलन महापौर के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
शिवसेना नेता नितिन तिवारी के नेतृत्व में असंख्य शिवसैनिकों और कामगारों ने मनपा पर मोर्चा निकाला और महापौर नीता ठाकरे के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मनपा अधिकारी श्वेता बैनर्जी तथा राजेश दुपारे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
महापौर से चर्चा करते हुए नितिन तिवारी ने कंपनी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, उन्होंने बताया कि कंपनी को वर्ष 2019 में पुराने कचरे के बायोमाइनिंग का ठेका दिया गया था लेकिन कंपनी ‘विंडो ड्रेनेज सिस्टम’ के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। बिना किसी प्रोसेसिंग के कचरे पर प्रक्रिया की जा रही है जिससे प्रति माड़ी कचरे का वजन 5 से 6 टन तक बढ़ जाता है।
इतनी बड़ी अनियमितताओं और हादसों के बावजूद मनपा प्रशासन द्वारा कंपनी को लगातार बिलों का भुगतान किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी श्वेता बनर्जी और राजेश दुफारे सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं, इसलिए उनकी विभागीय जांच होनी चाहिए, मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर नीता ठाकरे ने कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को आदेश दिया कि जब तक सभी शिकायतों का निवारण नहीं हो जाता, कंपनी के बिलों का भुगतान रोक दिया जाए।
तिवारी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले भूमिपुत्र कामगारों को कंपनी ने काम से निकाल दिया है। इसके अलावा कामगारों को तय न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
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वेतन न मिलने पर अपर कामगार आयुक्त कार्यालय में 32 करोड़ 23 लाख रुपये के बकाया वेतन की रिकवरी का केस दर्ज किया गया है जिस पर मनपा प्रशासन और कंपनी को नोटिस जारी हो चुका है।
कंपनी में पोकलैंड ऑपरेटर, वेल्डर, फिटर और हेल्पर से अमानवीय तरीके से लगातार 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। इसी दबाव के चलते एक दुर्घटना में एक कामगार की आंखों की रोशनी तक चली गई।