बाबुलखेड़ा में राजस्व मंत्री बावनकुले के हाथों शुभारंभ (सौजन्य-नवभारत)
Chandrashekhar Bawankule Nagpur: नागपुर वन विभाग (प्रादेशिक) द्वारा मौजा बाबुलखेड़ा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में निसर्ग पर्यटन स्थल के विकास हेतु 45.56 करोड़ के प्रकल्प का भूमिपूजन रविवार की शाम 6 बजे राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों हुआ। इसका कार्यान्वयन महाराष्ट्र निसर्ग पर्यटन विकास महामंडल द्वारा किया जाएगा। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन दोनों ही दृष्टियों से अपार संभावनाएं हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत प्रवेश प्लाजा, पार्किंग स्थल, वॉकिंग ट्रैक, प्रकृति सूचना एवं व्याख्या केंद्र, कैफेटेरिया, इको पार्क, एडवेंचर पार्क, नया जॉगिंग ट्रैक, व्यूइंग डेक, कॉटेज और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र जैसी विभिन्न सुविधाएं निर्मित की जाएंगी, साथ ही पेयजल व्यवस्था, शौचालय और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास भी किया जाएगा।
निसर्ग पर्यटन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस परियोजना में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे पर्यावरण अनुकूल उपायों को अपनाया जाएगा और सतत विकास को प्राप्त करने पर जोर दिया गया है।
इसका उद्देश्य सावनेर को प्रकृति पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। नागपुर वन विभाग ने इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की है। कार्यक्रम का परिचय नागपुर वन विभाग की उप वन संरक्षक विनीता व्यास ने दिया। उन्होंने एक प्रस्तुति के माध्यम से परियोजना के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर विधायक आशीष देशमुख, सांसद श्यामकुमार बर्वे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एम श्रीनिवास राव, वन संरक्षक जी गुरुप्रसाद, महाराष्ट्र राज्य जैवविविधता मंडल के सदस्य सचिव भरत सिंह हाडा, सहायक वन संरक्षक यश काले समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
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विधायक आशीष देशमुख ने परियोजना की प्रस्तुति देखने के बाद परियोजना और इसके पीछे की अवधारणा की सराहना की। सांसद श्यामकुमार बर्वे ने अपील की कि उक्त परियोजना को लागू करते समय जनता के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि इसके माध्यम से निसर्ग पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह परियोजना जनता के लिए है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा और स्थानीय गांवों के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव दिया।