अथर्व हत्याकांड: 72 घंटे, 100 CCTV और 12 टीमें…फिर भी पुलिस के हाथ खाली; अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
Atharva Nanore Murder Nagpur: अथर्व हत्याकांड में 72 घंटे बाद भी कातिल फरार! नागपुर पुलिस ने खंगाले 100 से ज्यादा CCTV, जान-पहचान वालों पर शक की सुई। अथर्व की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
- Written By: प्रिया जैस
अथर्व ननोरे की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब (सौजन्य-नवभारत)
Atharva Nanore Funeral: नागपुर के गिट्टीखदान परिसर से गुरुवार की रात अथर्व दिलीप नानोरे (14) का अपहरण हुआ। आरोपी ने अथर्व की गला घोटकर हत्या कर दी। उसके हाथ और पैर बांधकर भरतवाड़ा बाइपास रोड पर फेंक दिया। इस घटना को 72 घंटे बीत चुके हैं और अब तक आरोपी का कोई भी सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
पुलिस विभाग पूरी क्षमता के साथ इस मामले की जांच में जुटा हुआ है लेकिन जब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलेगा अपहरण और हत्या की जांच आगे नहीं बढ़ पाएगी। इस बीच रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। दोपहर को अथर्व ((Atharva Nanore)) की अंतिम यात्रा में जैन सैलाब उमड़ गया। हर किसी की आंखें नम और मन में बस एक सवाल था कि आखिर कोई इस तरह एक बच्चे की निर्मम हत्या कौन कर सकता है?
आरोपी का सुराग तो नहीं मिला है लेकिन हर किसी के दिल से बस एक आवाज निकल रही है कि अथर्व के हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। परिसर के वातावरण को देखते हुए पुलिस ने तगड़ा बंदोबस्त तैनात किया था। परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसियों के आंखों के सामने बार-बार वही दृश्य आ रहा है।
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कितने हर्षोल्लास के साथ अथर्व नानाेरे (Atharva Nanore) शोभायात्रा में शामिल हुआ था। परिसर के युवाओं के साथ वह जमकर नाचा। थककर कुछ देर के लिए झांकी पर चढ़ गया। वह आइस्क्रीम लेने के लिए नीचे उतरा और इसके बाद किसी को दिखाई नहीं दिया।
मां बोली, एक बार आरोपी को मेरे सामने जरूर लाना
घटना की जानकारी मिलते ही सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने ओएसडी सुनील मित्रा, भाजपा नेता गिरीश ग्वालबंशी और आसिफ खान उर्फ गुड्डूभाई को नानोरे परिवार को सांत्वना देने के लिए भेजा। अथर्व की मां रेवती को बिलख-बिलख कर रोते देख सभी की आंखें नम हो गईं।
रेवती ने मित्रा से कहा कि ‘चाहे जो भी उनके बेटे का हत्यारा हो, उसे एक बार मेरे सामने जरूर लाना। मैं उससे पूछूंगी कि आखिर अथर्व ने उसका क्या बिगाड़ा था। उसने क्या गलती कि जो इस तरह उसे अपनी मां से जुदा कर दिया।’ रेवती के ये शब्द सुनकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। घटना को लेकर नागिरकों के मन में जितना दुख है उतना ही रोष भी है।
जान-पहचान वालों पर ही शक की सुई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह अथर्व (Atharva Nanore) की हत्या हुई है, इससे साफ है कि किसी ने रंजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया है लेकिन वह व्यक्ति कौन हो सकता है, इस पर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही है। पुलिस का मानना है कि अथर्व इतना कुशल तो था कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ नहीं जाएगा। उसे अपने साथ ले जाने वाला व्यक्ति जान-पहचान वाला ही हो सकता है।
ऐसे में शक की सुई भी आसपास ही जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जांच में 1 दर्जन से ज्यादा टीमें काम कर रही हैं। हर पहलू पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। दिलीप सब्जी के थोक व्यापार के साथ प्रॉपर्टी के व्यवसाय से भी जुड़े थे। कई लोगों के साथ उनके लेन-देन को लेकर विवाद भी चल रहे थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सभी से पूछताछ की जा चुकी है।
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कलमेश्वर और गिट्टीखदान परिसर से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया लेकिन कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। पुलिस ने अब तक 100 से ज्यादा स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं लेकिन आरआर नर्सिंग होम के बाद से कहीं भी अथर्व दिखाई नहीं दे रहा है।
शहरभर के पालकों में खौफ
इस घटना ने हर स्तर पर लोगों को झकझोरकर रख दिया है। पालक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सभी के मन में दहशत है कि कब किसके साथ क्या हो जाए इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जांच के बाद चाहे जो भी कारण सामने आए लेकिन 14 वर्षीय एक बालक को कोई कैसे मार सकता है, वो भी इतनी निर्दयता से। घटना के बाद से पालक अपने बच्चों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे हैं। इस घटना से कई प्रकार के सवाल खड़े हो गए हैं। पालकों को चिंता इसी बात की है कि आखिर किस पर विश्वास करें और किस पर नहीं।
