महिलाओं को कैसे फंसाते हैं ढोंगी बाबा, आस्था बनाम अंधविश्वास पर नागपुर में जागरूकता अभियान
Nagpur Anti Superstition Campaign: नागपुर में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान तेज। ‘बुवा तिथे बाया’ व्याख्यान में श्याम मानव ने धोखेबाज बाबाओं के जाल और कानून के प्रभाव पर चर्चा की।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर अंधविश्वास जागरूकता, श्याम मानव व्याख्यान, (प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Andhashraddha Nirmoolan Samiti: नागपुर शहर में आस्था और अंधविश्वास दो अलग-अलग बातें हैं। ईश्वर में आस्था रखने में कोई विरोधाभास नहीं है। आस्था के नाम पर लोगों को गुलाम बनाना और उनका शोषण करना कानूनी अपराध है। अंधश्रद्धा निर्मूलन ने समिति अंधविश्वास के खिलाफ जनता में जागरूकता पैदा करने का बीड़ा उठाया है।
महाराष्ट्र में हुए कुख्यात अशोक खरात कांड के बाद, ‘बुवा तिथे बाया’ नाम से पूरे महाराष्ट्र में व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन हॉल में प्रोफेसर श्याम मानव ने विस्तार से बताया कि महिलाएं धोखेबाज बाबाओं के जाल में क्यों फंस जाती हैं।
अपने व्याख्यान में उन्होंने कई प्रकार के धोखेबाजों का पर्दाफाश किया और लोगों से उनसे सावधान रहने की अपील की। कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने किया।
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इस दौरान एड. शरद पाटिल, पूर्व विधायक अशोक धवड, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के हरीश देशमुख, सुरेश झुरमुरे, हरि पाथोडे, छाया आड़े और अन्य मंच पर उपस्थित थे। श्याम मानव ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में जादू-टोना विरोधी कानून लागू किया गया। मानव ने इसके प्रसार में सरकार के असहयोग पर नाराजगी व्यक्त की।
कपटी बाबा के बुरे कर्मों की कई कहानियां
मानव ने अपने व्याख्यान में कपटी बाबा के बुरे कर्मों की कई कहानियां सुनाई। उन्होंने अपने साथ घटी घटना का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मैंने अपने पिता से कहा कि वे बाबा से दूर रहें।
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मुझे बाबा पर विश्वास था, इसलिए मैंने सोचा कि दूसरे बाबा ऐसे नहीं होंगे, उसके बाद मैंने एक और बाबा को ठीक वैसा ही व्यवहार करते देखा, एक मूर्ख जो स्त्रियों का शोषण करता था, बाबाओं की सूची में मुख्य रूप से गुलाब बाबा, कृपालु महाराज, शिवदास बाबा, राम रहीम, आसाराम बापू रामस्नेही सुंदरदास बाबा, नित्यानंद महाराज और तांबे महाराज के नाम शामिल थे।
