गड़चिरोली: जाति जनगणना और ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ करेगा बड़ा आंदोलन
OBC Federation Protest: गड़चिरोली में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ 28 जून को चंद्रपुर में महामोर्चा निकालेगा। जाति जनगणना व नॉन-क्रीमीलेयर सीमा 15 लाख करने के लिए आंदोलन होगा।
- Written By: केतकी मोडक
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की गड़चिरोली में आयोजित बैठक (सोर्स - फोटो नवभारत)
OBC Caste Census Demand In Gadchiroli: जातिगत जनगणना, ओबीसी के लिए पृथक कॉलम की मांग, राज्य मंत्रिमंडल के 14 मई के निर्णय को रद्द करने, उपजाऊ भूमि अधिग्रहण रोकने तथा नॉन-क्रीमीलेयर आय सीमा बढ़ाने जैसे मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक गड़चिरोली में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता महासंघ के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष शेषराव येलेकर ने की।
बैठक में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के गड़चिरोली जिला अध्यक्ष रोहिदास राऊत, अनीस के राज्य महासचिव विलास निंबोरकर, सामाजिक कार्यकर्ता शरद पाटील ब्राम्हणवाडे, वाचनालय के अध्यक्ष पानादुंरग नागापुरे, महासंघ की महिला अध्यक्ष मंगला कारेकर, सचिव नम्रता कुत्तरमारे सहित अनेक पदाधिकारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जनगणना के दूसरे चरण में पृथक कॉलम के लिए केंद्र पर बनाया जाएगा दबाव
अध्यक्षीय संबोधन में शेषराव येलेकर ने कहा कि “राष्ट्रीय जनगणना के पहले चरण में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की तरह ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं रखा गया, जिससे ओबीसी समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि फरवरी 2027 से शुरू होने वाले दूसरे चरण में जाति, वर्ग तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति संबंधी अलग-अलग कॉलम शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर तहसील, जिला तथा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न आंदोलन चलाए जाएंगे।”
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7 अगस्त को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन से देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। साथ ही संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली शहर के रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन धरना भी प्रस्तावित है। इसी अभियान के तहत 28 जून को चंद्रपुर में एक विशाल महामोर्चा आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में ओबीसी समाज के लोगों से शामिल होने की अपील की गई।
येलेकर ने कहा कि वर्तमान में वर्ग-3 और वर्ग-4 कर्मचारियों की आय बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में ओबीसी परिवारों के बच्चे 8 लाख रुपये की नॉन-क्रीमीलेयर आय सीमा के कारण विभिन्न लाभों से वंचित हो रहे हैं। इसलिए इस सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
मुख्य अतिथि रोहिदास राऊत ने कहा कि “प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को सामान्य वर्ग की कट ऑफ से अधिक अंक प्राप्त होने के बावजूद उसे सामान्य वर्ग में अवसर न देकर उसी आरक्षित वर्ग में समायोजित करने का राज्य मंत्रिमंडल का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों की भावना के विपरीत है।”
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बैठक में सर्वसम्मति से पारित हुए प्रमुख प्रस्ताव
- ओबीसी की जातिगत जनगणना सुनिश्चित कराने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाए तथा विभिन्न संगठनों के सहयोग से आंदोलन आयोजित किए जाएं।
- प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय को तत्काल रद्द करने के लिए ओबीसी, एससी और एसटी संगठनों द्वारा संयुक्त आंदोलन चलाया जाए।
- गड़चिरोली तथा चामोर्शी क्षेत्र की उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण का विरोध करते हुए किसानों के समर्थन में संघर्ष किया जाए।
- नॉन-क्रीमीलेयर आय सीमा को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाए।
- राष्ट्रीय जनगणना के दोनों चरणों में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम शामिल करने तथा 14 मई के शासन निर्णय को रद्द करने की मांग को लेकर 28 जून को चंद्रपुर में आयोजित महामोर्चे में बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
