नागपुर में वायु प्रदूषण को लेकर हाई कोर्ट सख्त, सरकार और स्थानीय प्रशासन को जारी किया नोटिस
High Court Notice: नागपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हाई कोर्ट सख्त हुआ है और राज्य सरकार, मनपा व अन्य विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
High Court Notice:नागपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Air Pollution: नागपुर शहर में लगातार चल रहे निर्माण कार्यों के कारण हवा में उड़ती धूल, सीमेंट और सूक्ष्म कणों ने नागपुर की वायु गुणवत्ता को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार, महानगरपालिका, प्रन्यास और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र शांतनु खेडकर ने नागपुर शहर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य अदालत के समक्ष रखे।
नीरी और आईआईटी बॉम्बे की रिपोर्ट पर नहीं हुआ अमल
अदालत मित्र ने बताया कि जुलाई 2024 में नीरी (NEERI) और आईआईटी बॉम्बे द्वारा नागपुर की वायु गुणवत्ता पर एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि शहर में जारी निर्माण परियोजनाएं, औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
रिपोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई ठोस सुझाव भी दिए गए थे, लेकिन इन सिफारिशों पर अब तक कोई प्रभावी कार्यान्वयन नहीं किया गया है।
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प्रदूषण नियंत्रण समिति की निष्क्रियता से बढ़ रहे रोग
अदालत को यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार के ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (NCAP) के तहत जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नेतृत्व में गठित प्रदूषण नियंत्रण समिति पूरी तरह निष्क्रिय है। समिति को हर महीने बैठक कर रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन लापरवाही के चलते इसका सीधा असर आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण श्वसन रोग, दमा (अस्थमा) और सीने के संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से जवाब तलब किया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पिछली रिपोर्ट की सिफारिशों पर अब तक की गई कार्रवाई और प्रदूषण नियंत्रण समिति के कामकाज का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाए।
