नागपुर बना राजनीतिक अखाड़ा! भाजपा ने फर्जी विधायक लिखकर स्याही पोती, सड़कों पर उतरी कांग्रेस

Nagpur News: नागपुर में अभिजीत वंजारी के कार्यालय पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने फर्जी विधायक लिखकर स्याही पोती। इसके विरोध में कांग्रेस ने सुभाष पुतला पर प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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प्रदर्शन करते कांग्रेस के कार्यकर्ता (फोटो नवभारत)
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Nagpur News in Hindi: नागपुर के सीए रोड स्थिति विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के जनसंपर्क कार्यालय में लगे बोर्ड पर भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने काली स्याही पोतकर फर्जी विधायक का नारा लगाया था। उसके दूसरे दिन ही शहर कांग्रेस के सारे पदाधिकारी व कार्यकर्ता शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे के नेतृत्व में भाजपाइयों की हरकत के खिलाफ सड़क पर उतर गए। दोषियों पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सतरंजीपुरा स्थित सुभाष पुतला के पास निषेध आंदोलन किया गया।

कार्यकर्ताओं ने भाजपा तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी, नहीं चलेगी के नारे लगाए। किसी तरह के तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त लगाया गया था। समीप ही भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े का निवास व जनसंपर्क कार्यालय है। रास्ते पर बैरिकेड लगा दिये थे।

विकास ठाकरे ने कहा कि विधायक वंजारी के कार्यालय में पूर्व नियोजित तरीके से हमला कर शटर पर बोर्ड पर काली स्याही पोती गई। शहर का वातावरण खराब करने का प्रयास करने वालों पर पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान अभिजीत वंजारी, अतुल लोंढे, अनीस अहमद, नरेश गावंडे, प्रशांत धवड़, नयना झाड़े, उमाकांत अग्निहोत्री, गिरीश पांडव उपस्थित थे।

कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती

वंजारी के साथ सारे पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुलिस आयुक्त रविन्द्र सिंगल से मिले। उन्होंने कार्यालय पर हमला करने वाले गुंडा प्रवृत्ति के लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। वंजारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि के कार्यालय पर हमला शहर की कानून व व्यवस्था को खुली चुनौती है। घटना के सीसीटीवी फुटेज में 10-12 लोग नजर आ रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस ने गंभीर धारा नहीं लगाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि शांति भंग कर वातावरण खराब करने का यह सुनियोजित प्लान था। हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश होते हुए भी हमने कानून का मार्ग अपनाया लेकिन पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेसियों ने कहा कि जब-जब भाजपा डरती है तब-तब पुलिस को आगे करती है।

कुछ महीने पूर्व भी उठा था मामला

कुछ महीने पूर्व भी वंजारी के कार्यालय में लगे बोर्ड पर कुछ लोगों ने आक्षेप लिया था। तब 22 लोगों के नाम पुलिस को दिये गये थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से उनकी हिम्मत बढ़ गई। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो तीव्र आंदोलन की चेतावनी उन्होंने दी।

आंदोलन में मिलिंद दुपारे, मनीष उमरेडकर, मनोज नोकरकर, चंदा राऊत, अनिल बारापात्रे, युवराज वैद्य, योगेश कुंडलकर, धनराज अतकरी, अनिल हजारे, कुमार बावनकर, मुकेश गजभिये, परमेश्वर राऊत, प्रवीण बेलेकर, इरशाद अली, बाबू जिनानी, निर्मला बोरकर, रुचिका डफ, दिनेश तलारे, सुनील पाटिल, सारिका दुपारे, वंदना मेश्राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस आयुक्त ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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